मेंहदावल। इस प्रशिक्षण का मकसद विद्यालयों के नोडल शिक्षकों को समावेशी शिक्षा अंतर्गत स्कूलों में दिव्यांग बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित करना है। मंगलवार को यह बातें बीआरसी सभागार में समावेशी शिक्षा अंतर्गत नोडल शिक्षकों के लिए चल रहे पांच दिवसीय प्रशिक्षण के दूसरे चरण में दूसरे दिन बीईओ ज्ञानचंद्र मिश्र ने कही।
उन्होंने कहा कि समावेशी शिक्षा में सभी छात्रों को शारीरिक, मानसिक रूप से मजबूत बनाने का प्रयास किया जाता है। उन छात्रों को उनकी क्षमताओं या अक्षमताओं के आधार पर अंकित नहीं किया जाता है। छात्रों को स्कूल के जीवन के सभी पहलुओं में सीखने, योगदान देने और भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
प्रशिक्षक रत्नेश पाठक ने विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों की बौद्धिक क्षमता विकसित करने के उपकरणों के बारे में विस्तार बताया। स्पेशल एजुकेटर बृजेंद्र प्रताप सिंह, धर्मेंद्र चौधरी ने 21 दिव्यंगता के साथ-साथ उनके चिह्नांकन हुए नामांकन के बारे में विस्तार से बताया। दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में शामिल करने की तरीकों के बारे में परिचित कराया गया।
इस अवसर पर राकेश कुमार सिंह, चंद्रधर मिश्र, अजय नायक, प्रेमप्रकाश दूबे, अरविंद मिश्रा, लक्ष्मी देवी, रामप्रकाश राय आदि शिक्षक मौजूद रहे।