आज आधी रात 12:58 बजे के बाद होलिका दहन करना शुभ
संतकबीरनगर। इस बार पूर्णिमा की तिथि दो दिन पड़ रही है। पूर्णिमा की तिथि पर भद्राकाल होने के कारण लोगों में होली और होलिका दहन को लेकर संशय है। हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार होलिका दहन पूर्णिमा तिथि में सूर्यास्त के बाद करना चाहिए, लेकिन यदि इस बीच भद्राकाल हो तो भद्राकाल में होलिका दहन नहीं करना चाहिए। इसके लिए भद्राकाल के समाप्त होने का इंतजार करना चाहिए। इस बार 17 मार्च की रात 12:58 बजे से लेकर रात 2:12 बजे तक होलिका दहन का शुभ समय है। वहीं होली 19 मार्च को खेली जाएगी।
ज्योतिषाचार्य सुजीत महाराज ने बताया कि होलिका दहन के लिए भद्रामुक्त पूर्णिमा तिथि का होना बहुत जरूरी है। हिंदू शास्त्रों में भद्राकाल को अशुभ माना गया है। ऐसी मान्यता है कि भद्राकाल में किया गया कोई भी काम सफल नहीं होता और उसके अशुभ परिणाम मिलते हैं। इस बार पूर्णिमा तिथि 17 मार्च की दोपहर 01:29 बजे से शुरू होकर 18 मार्च की दोपहर 12:52 बजे तक रहेगी।
वहीं 17 मार्च की दोपहर 01:19 बजे से भद्राकाल शुरू हो जाएगा और देर रात 12:58 बजे तक रहेगा, ऐसे में भद्राकाल होने के कारण शाम के समय होलिका दहन नहीं किया जा सकेगा। चूंकि होलिका दहन के लिए रात का समय उपर्युक्त माना गया है, ऐसे में 12:58 बजे भद्राकाल समाप्त होने के बाद होलिका दहन संभव हो सकेगा। रात के समय होलिका दहन करने के लिए शुभ समय 12:58 बजे से लेकर रात 2:12 बजे तक है। होली 19 मार्च को मनाई जाएगी।
राशि अनुरूप रंगों व गुलाल से खेलें होली
ज्योतिषाचार्य सुजीत महाराज ने बताया कि राशि के अनुसार रंग व गुलाल खेलें, जिसमे मेष राशि के लिए लाल, पीला व नारंगी, वृष राशि के लिए नीला, हरा व सफेद, मिथुन राशि के लिए हरा, सफेद व बैगनी, कर्क राशि के लिए पीला, नारंगी व लाल, सिंह राशि के लिए लाल, पीला व सफेद, कन्या राशि के लिए हरा, आसमानी व सफेद, तुला राशि के लिए नीला, हरा व बैगनी, वृश्चिक राशि के लिए लाल, पीला व नारंगी, धनु राशि के लिए पीला, लाल व सफेद, मकर राशि के लिए आसमानी, बैगनी व हरा, कुंभ राशि के लिए नीला, हरा व सफेद तथा मीन राशि के लिए पीला, लाल व नारंगी रंग शुभ है।