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अफसरों की सुस्ती से अटकी है अनियमितता की जांच

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अफसरों की सुस्ती से अटकी है अनियमितता की जांच
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संतकबीरनगर। ग्राम पंचायतों में कराए गए विकास कार्यों में अनियमितता की हुई शिकायतों की जांच करने में नामित जांच अधिकारी सुस्ती बरत रहे हैं। हालांकि डीएम की ओर से 15 दिनों के भीतर जांच पूरी करके रिपोर्ट दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं। बावजूद इसके, दो-दो महीने बाद भी जांच नहीं की जा रही है। जांच कराने को लेकर शिकायतकर्ता डीएम, सीडीओ और डीपीआरओ कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं। इस पर सीडीओ ने नाराजगी जाहिर की है और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि एक सप्ताह के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रेषित करें।
सीडीओ सुरेंद्र नाथ श्रीवास्तव ने बताया कि विकास खंड पौली के ग्राम पंचायत मकदूमपुर निवासी अनिरुद्घ यादव की ओर से डीएम को शपथ पत्र देकर ग्राम पंचायत मेें कराए गए विकास कार्यों में अनियमितता की शिकायत की गई थी। डीएम की ओर से चार जुलाई 2020 को जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा एवं सहायक अभियंता जल निगम श्रीराम यादव की संयुक्त रूप से जांच कर रिपोर्ट दिए जाने के निर्देश दिए गए थे। अधिकारी ने चार नवंबर 2020 को मौके पर जाकर जांच की। 27 जनवरी 2021 को जांच टीम ने रिपोर्ट प्रेषित की। डीपीआरओ की ओर से पांच फरवरी को ग्राम पंचायत अधिकारी धर्मेंद्र यादव और दस फरवरी को तत्कालीन प्रधान राम नेवास को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। चार मार्च को ग्राम पंचायत अधिकारी और नौ मार्च को तत्कालीन प्रधान की ओर से स्पष्टीकरण दिया गया था। 13 मई को एडीपीआरओ अरुण कुमार यादव को सत्यापन किए जाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन सत्यापन रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुई। अरुण कुमार के स्थान पर अधिशाषी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण अरविंद कुमार को नामित किया गया था।
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तीन दिन के भीतर सत्यापन कर रिपोर्ट दिए जाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन 15 दिन बीत जाने के बाद भी अरविंद कुमार ने रिपोर्ट नहीं दी। डीपीआरओ की ओर से बार-बार सत्यापन करने के लिए जांच अधिकारी को मौखिक तौर पर सूचना दी गई। डीएम ने इसको लेकर नाराजगी जाहिर की है। डीएम ने तत्काल आख्या रिपोर्ट प्रेषित किए जाने के निर्देश दिए हैं। इसी तरह विकास खंड खलीलाबाद के डडंवा निवासी दिनेश कुमार चतुर्वेदी ने डीएम को 17 सितंबर को शपथ पत्र देकर ग्राम पंचायत में कराए गए कार्यों में अनियमितता की शिकायत की थी। डीएम ने बीएसए, सहायक अभियंता नलकूप और एडीपीआरओ की कमेटी बनाकर जांच सौंपी थी। 15 दिन में जांच रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन अभी तक जांच कर रिपोर्ट नहीं दी गई। टीम को सात दिन में जांच पूरी करके रिपार्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
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बघौली ब्लॉक क्षेत्र के मदरहा गांव निवासी पारस पुत्र रामसेवक की ओर से डीएम को शपथ पत्र देकर 25 अक्तूबर को गांव में कराए गए विकास कार्यों में पूर्व प्रधान के जरिए अनियमिता किए जाने की शिकायत की गई थी। डीएम ने आरईडी के अधिशाषी अभियंता और सहायक अभियंता नलकूप खंड को जांच सौंपी है। जांच टीम अभी तक जांच करके रिपोर्ट नहीं दी। इसी तरह सेमरियावां विकास खंड के बिगरामीर निवासी अफरोज अहमद पुत्र स्वर्गीय मुबारक हुसेन ने सात अक्तूबर को डीएम के शपथ पत्र देकर शिकायत की थी। ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों में अनियमितता की शिकायत की गई है। डीएम ने जिला समाज कल्याण अधिकारी और अवर अभियंता भूमि संरक्षण को जांच सौंपी है। जांच टीम ने डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी जांच कर रिपोर्ट नहीं दी। सभी मामलों में जांच अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर जांच कर रिपोर्ट दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
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