- सेमरियावां ब्लॉक के तिलजा गांव में अमृत सरोवर की हुई जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। सेमरियावां ब्लॉक के ग्राम पंचायत तिलजा में अमृत सरोवर निर्माण कार्य का निरीक्षण डीसी मनरेगा ने किया। जहां पर जेसीबी, ट्रैक्टर एवं लेवलर आदि के जरिए खाेदाई किए जाने के स्पष्ट साक्ष्य मिले हैं। डीसी मनरेगा ने इसे लेकर कार्रवाई की बात कही है।
डीसी मनरेगा जीशान रिजवी ने बताया कि मंगलवार को ग्राम पंचायत तिलजा के निर्माणाधीन शिव मंदिर पोखरा के अमृत सरोवर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय मौके पर कोई कार्य नहीं चल रहा था, लेकिन स्थल पर जेसीबी मशीन, ट्रैक्टर एवं लेवलर आदि से खोदाई किए जाने के स्पष्ट साक्ष्य पाए गए हैं। इस परियोजना में श्रमिकों से कार्य नहीं कराकर पूर्णतः मशीन से ही कार्य कराया जाना प्रतीत होता है। मनरेगा एमआईएस की रिपोर्ट में मंगलवार को श्रमिकों को नियोजित नहीं किया गया है, लेकिन 11 जून को 75 श्रमिकों, 15 जून को 73 श्रमिकों, 17 जून को 57 श्रमिकों, 18 जून को 75 श्रमिकों, 20 जून को 76 श्रमिकों की उपस्थिति ऐप के माध्यम से दर्ज है।
इस संबंध में मौके पर उपस्थित तकनीकी सहायक कृष्ण देव पाण्डेय ने बताया कि पूर्व में उक्त कार्य पर जारी किए गए मस्टर रोल का एमबी नहीं किया गया है, वर्तमान में भी नहीं किया गया है। इस प्रकार उक्त परियोजना पर मानव श्रम को विस्थापित करने वाली मशीनों का प्रयोग किया गया है, जबकि मनरेगा प्राविधानों के अनुसार मनरेगा योजना के अंतर्गत कराए जाने वाले कार्यों पर ठेकेदारी प्रथा एवं मशीनों का प्रयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है। उन्होंने बताया कि मशीन से कार्य कराना मनरेगा प्राविधानों का उल्लंघन है। दोषियों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।