संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। यातायात नियमों की अनदेखी जिले में हादसों का कारण बन रही है। खासकर दोपहिया वाहन चालक बिना हेलमेट के ही सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। सड़क हादसा होने पर सिर में गंभीर चोट लगने से कई लोगों की जान चली जाती है, जबकि कुछ घायल होकर अस्पताल पहुंचते हैं।
पुलिस की ओर से समय-समय पर चेकिंग अभियान चलाकर बिना हेलमेट और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाती है। इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा है।
जिले की प्रमुख सड़कों, बाजारों और कस्बाई इलाकों में बड़ी संख्या में बाइक सवार बिना हेलमेट के नजर आते हैं। इनमें युवाओं की संख्या अधिक है। कई चालक बाइक चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल करने, तेज गति से वाहन चलाने और दोपहिया वाहन पर तीन सवारी बैठने से परहेज नहीं करते। ऐसे में जरा सी चूक हादसे का कारण बन जाती है।
कुछ समय में जिले में हुए सड़क हादसों में कई दोपहिया वाहन चालक और सवार घायल होकर अस्पताल पहुंचे हैं। इनमें सिर में चोट लगने के मामले भी सामने आए हैं। चिकित्सकों का कहना है कि हेलमेट सड़क हादसे में सिर को गंभीर चोट से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके बावजूद तमाम लोग हेलमेट को बोझ समझते हैं।
चेकिंग और जुर्माने का भी नहीं दिख रहा असर ः यातायात पुलिस और थाना स्तर पर पुलिसकर्मी लगातार वाहन चेकिंग अभियान चलाते हैं।
बिना हेलमेट, तीन सवारी, बिना दस्तावेज और अन्य नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की जाती है। इसके बावजूद चेकिंग अभियान समाप्त होते ही बड़ी संख्या में लोग फिर नियमों की अनदेखी करने लगते हैं। इससे पुलिस की कार्रवाई का असर स्थायी रूप से नजर नहीं आ रहा है।