संतकबीरनगर। कोचिंग जाने के दौरान 15 वर्षीय किशोरी के अपहरण और शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने के मामले में आरोपी अखिलेश्वर उर्फ अनिल पाठक को अदालत ने साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कृष्ण कुमार पंचम की अदालत ने आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए यह फैसला सुनाया।
अभियोजन के अनुसार, थाना धनघटा क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसकी 15 वर्षीय बेटी 16 फरवरी 2022 की सुबह करीब सात बजे कोचिंग जाने के लिए घर से निकली थी। रास्ते में आरोपी उसे बहला-फुसलाकर कहीं ले गया। बाद में आरोपी की ओर से मोबाइल पर संदेश भेजे जाने की बात भी सामने आई थी। शिकायत के आधार पर थाना धनघटा में प्राथमिकी दर्ज किया गया था।
विवेचना के दौरान पुलिस ने पीड़िता के बयान और साक्ष्यों के आधार पर यौन शोषण से संबंधित धारा की बढ़ोतरी करते हुए आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अदालत में आरोपी ने आरोपों से इन्कार करते हुए विचारण की मांग की।
अभियोजन पक्ष की ओर से पीड़िता और उसके पिता समेत आठ गवाहों को पेश किया गया। साथ ही नौ अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। वहीं, बचाव पक्ष की ओर से दो गवाहों ने बयान दर्ज कराया।
अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों की समीक्षा के दौरान पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट में उसके बालिग होने की बात सामने आई। साथ ही मेडिकल जांच में यौन शोषण की पुष्टि नहीं हुई। पीड़िता और उसके पिता के बयानों में भी भिन्नता पाई गई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने आरोपी अखिलेश्वर उर्फ अनिल पाठक को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ दिया और दोषमुक्त कर दिया। संवाद