शोर-शराबे के बीच संपन्न हुई जिला पंचायत बोर्ड की बैठक
- गांव के अंदर जिला पंचायत नहीं कराएगी काम
- दो गांवों को जोड़ने वाले कार्य ही होंगे अनुमन्य
- सदस्यों ने 2020-21 के बजट को नहीं किया पास
- वित्तीय वर्ष 2019-20 के बजट में सदस्यों के समान भागीदारी का उछला मुद्दा
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। जिला पंचायत अध्यक्ष नीना देवी की अध्यक्षता में बोर्ड की बैठक गुरुवार को विकास भवन सभागार में शोर- शराबे के बीच संपन्न हुई। अपर मुख्य अधिकारी की ओर से वर्ष 2020-21 का बजट रखा गया तो सदस्यों ने अभी उसमें वक्त होने का हवाला देकर पास करने में असहमित जता दी। जबकि वित्तीय वर्ष 2019-20 के बजट में सभी सदस्यों की समान भागरीदारी होने की दशा में ही प्रस्ताव लिए जाने और फिर उसे स्वीकृति प्रदान किए जाने पर जोर दिया गया।
अपर मुख्य अधिकारी अशोक कुमार मद्घेशिया की ओर से पुराने और नए शासनादेशों की जानकारी सदस्यों को दी गई। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत की ओर से अब गांव के अंदर की गलियों में कोई काम जिला पंचायत के मद से नहीं कराया जाना है। दो गांवों को जोड़ने वाले कार्य ही अनुमन्य होंगे। पीएफएमएस से भुगतान की व्यवस्था होने तथा डोंगल सिस्टम भी जल्द ही लागू होने का जिक्र किया। इसके साथ ही प्रिंट अकाउंट सिस्टम भी लागू होना है। कहा कि वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए कुछ सदस्यों ने प्रस्ताव दिया है, लेकिन कुछ सदस्यों ने अभी प्रस्ताव नहीं दिया है। उसी बीच सदस्य मोहम्मद अहमद ने शासनादेश का हवाला दिया और कहा कुछ कार्य को व्यवहारिक और जरूरत के हिसाब से देखना होगा। जैसे किसी गांव के अंदर से कोई सड़क बाहर मुख्य सड़क को जोड़ रही है, तो उस पर काम होना ही चाहिए, चाहे उसकी दूरी कम ही क्यों न हो। सदस्यों के प्रस्ताव को शामिल किया जाए और फिर जिला पंचायत अध्यक्ष की सहमति के बाद सभी की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। सदस्य अशोक चौधरी ने कहा कि पिछली बार 27 करोड़ का टेंडर हुआ था। उसमें सदस्यों के कम और ठेकेदारों के काम अधिक लिए गए थे। ऐसे में सदस्यों की बराबर की भागीदारी होनी चाहिए। शिक्षक प्रतिनिधि हरिबख्श सिंह ने जिला पंचायत के कर्मचारियों के वेतन का भुगतान समय से नहीं होने का मुद्दा उठाया। इस व्यवस्था को बेहतर किए जाने पर विशेष जोर दिया। इसहाक अंसारी ने कहा कि कस्बों और चौराहों पर रहने वाले व्यापारियों का पंजीकरण करके यदि टैक्स की वसूली की जाए तो उन्हें सुविधाएं भी दी जानी चाहिए। चौराहों पर सामुदायिक शौचालय का निर्माण भी बेहद जरूरी है। जैसे ही अपर मुख्य अधिकारी अशोक कुमार मद्घेशिया ने वर्ष 2019-20 के बजट के बारे में बताया कि सात करोड़ 26 लाख की प्रथम किस्त प्राप्त हुई है। कुल करीब 21 करोड़ का बजट होगा। जिसमें नौ करोड़ का भुगतान बाकी है। 25 प्रतिशत अनुरक्षण मद में, पांच प्रतिशत परिसंपत्तियों के सृजन मद में, 20 प्रतिशत वेतन, पेंशन और एरियर मद में खर्च होना है। ऐसे में सिर्फ तीन करोड़ का बजट बचेगा। इसके लिए सभी सदस्य तय करें कि किस तरीके से और कितने-कितने का प्रस्ताव देंगे। इस पर भी सदस्यों ने आपत्ति जताई। अपर मुख्य अधिकारी अशोक कुमार मद्घेशिया ने कहा कि बैठक की समाप्ति के बाद सभी सदस्य जिला पंचायत कार्यालय पर चले और फिर प्रस्ताव देने के संबंध में आपसी सहमति बना ले, जिससे फिर सर्वे कराए जाने में समय की बचत हो। अपर मुख्य अधिकारी ने बताया कि करदाता सूची स्वीकृत हुई। 2005 के पहले के पंजीकृत जो दुकानदार नहीं मिल रहे है अथवा उनकी दुकानें बंद हो गई है तो उनका नाम सूची से हटा दिया जाए। सदस्यों ने सहमति बना ली है और अब टेंडर निकाल कर काम कराए जाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इस दौरान मुन्नू पाल, अवधेश सिंह, मंटू राय, प्रमोद यादव, राजेश पहलावान, बलराम यादव आदि उपस्थित रहे।