एक काम का दो बार हुआ भुगतान
- डीपीआरओ की जांच में उजागर हुआ घपला
- दोषी प्रधान और सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी
- डीपीआरओ ने सेमरियावां क्षेत्र के चार अलग-अलग गांवों की जांच की
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। डीपीआरओ आलोक कुमार प्रियदर्शी के जरिए सेमरियावां विकास खंड के चार ग्राम पंचायतों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में तीन गांवों में अनियमितता उजागर हुई। एक ही काम का दो बार भुगतान कराए जाने और बिना काम ही भुगतान करा लिए जाने का मामला उजागर हुआ। डीपीआरओ की ओर से दोषी पाए गए प्रधान और सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
डीपीआरओ आलोक कुमार प्रियदर्शी ने बताया कि 11 नवंबर को विकास खंड सेमरियावां के भेलवासी गांव का निरीक्षण किए थे। निरीक्षण में आंगनबाड़ी केंद्र का फर्श, शौचालय एवं बाउंड्रीवाल के मरम्मत कार्य में 2,01152 रुपये खर्च किया गया था लेकिन शौचालय टूटा हुआ और बाउंड्रीवाल का निर्माण अधूरा मिला। वहीं शिवकुमार के घर से सुरेंद्र के बागीचे तक नाली निर्माण में 1,73,488 रुपये खर्च किया गया। मौके पर नाली निर्माण अधूरा मिला। प्राथमिक विद्यालय पर पीपल के पेड़ का चबूतरा निर्माण पर 34,320 रुपये खर्च किया गया और मौके पर कार्य अधूरा पाया गया। राजेश के घर से मुख्य सड़क तक नाली निर्माण सड़क के दोनों तरफ कराया गया, जिस पर क्रमश: 1,28,053 रुपये और 1,19,657 रुपये खर्च किया गया। मौके पर दोनों नालियां निष्प्रयोजन पड़ी मिली। रामसुमेर के घर से मजनूू के घर तक सीसी रोड निर्माण कार्य पर 1,26,133 रुपये तथा रामदीन के घर से मुख्य सड़क तक सीसी रोड निर्माण में 2,46,983 रुपये खर्च किया गया। दोनों कार्य एक ही है और दो बार भुगतान किया गया है। प्रधान और सचिव अनियमितता के दोषी पाए गए है। इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इसी तरह सेमरियावां ब्लॉक क्षेत्र के ही छपिया छितौना गांव निरीक्षण किया। यहां अरबिया मदरसे से अहमदुल्लाह के घर तक इंटरलाकिंग कार्य पर 21,875 रुपये खर्च किया गया है। हमीदुल्लाह के घर से कमरूद्दीन के घर तक इंटरलाकिंग कार्य पर 2,43,164 रुपये खर्च किया गया। मौके पर इंटरलाकिंग नहीं पाई गई। जबकि दोनों कार्य एक ही है। मोहम्मद युसूफ के घर से किताबुल्लाह के घर तक नाली मरम्मत कार्य में 79421 रुपये खर्च किया गया। जबकि मौके पर कोई नाली नहीं मिली। हमीदुल्लाह के घर से मोहम्मद यूसूफ के घर तक इंटरलाकिंग 18375 रुपये और अरबिया मदरसे से अयूब के घर तक इंटर लाकिंग कार्य पर 243162 रुपये खर्च किया गया है। इंटर लाकिंग लगी है, लेकिन दोनों एक ही कार्य है। एक ही कार्य पर दो बार भुगतान किया गया है। सफीउल्लाह के घर से प्रधान के घर तक खडंजा मरम्मत कार्य पर 51275 रुपये खर्च किया गया है। जबकि ग्रामीणों ने इस खडंजे पर कोई मरम्मत कार्य नहीं होना बताया। इसी तरह शब्बीर के घर से मकसूद के घर तक नाली निर्माण पर 74928 रुपये खर्च दिखाया गया है। जबकि ग्रामीणों ने दस दिन पूर्व नाली निर्माण होना बताया। शौचालयों की धनराशि भी लाभार्थियों के खाते में अनियमित तरीके से अंतरित की गई है। इसलिए अलग से विस्तृत जांच कराई जाएगी। प्रधान व सचिव दोषी पाए गए है। इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह चमरसन गांव का निरीक्षण किए थे। यहां वर्ष 2019 -20 में मेहीलाल के पेड़ से रामअधीन के घर तक खडंजा मरम्मत कार्य पर तीन बार में कुल 330000 रुपये का खर्च किया गया है। जबकि मौके पर यह कार्य नहीं कराया गया है। सचिव ने अवगत कराया गया कि पीएफएमएस प्रणाली में त्रुटिवश भुगतान हुआ है। इसे जल्द ठीक कराने का निर्देश दिया। इसी तरह शिव मंदिर से हरिराम के घर तक खडंजा मरम्मत कार्य पर 110000 रुपये खर्च किया गया, जबकि कोई कार्य नहीं किया गया है। प्रधान और सचिव दोषी पाए गए हैं। इनके विरूद्घ कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह भगुरा अहिरानी गांव का भी निरीक्षण किया गया।