हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स पर अभी नहीं शुरू हुई ओपीडी
- कोविड टीकाकरण में कम्यूनिटी हेल्थ अधिकारियों को लगा दी गई थी ड्यूटी
- मूल तैनाती स्थल पर भेजने का निर्देश पर नहीं हो रहा पालन
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। गैर संचारी रोगों की जांच और उपचार के लिए जिले में स्थापित 93 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स पर अब भी ओपीडी संचालित नहीं हो रही है। कोविड काल के समय में ओपीडी बंद कर दी गई थी। इसके साथ ही कम्यूनिटी हेल्थ अधिकारियों की ड्यूटी कोविड टीकाकरण में लगा दी गई थी, अब जबकि कोविड के मामले नहीं आ रहे हैं तो शासन ने इन सेंटर्स पर ओपीडी शुरू करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन जिले में अब भी ओपीडी शुरू नहीं हो सकी है।
हेल्थ एंड वेलनेस सेेंटर स्थापित करने के पीछे शासन की मंशा है कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को उनके घर के नजदीक सामान्य बीमारियों की जांच एवं दवा उपलब्ध कराने के साथ ही गैर संचारी रोग जिसमें शुगर, उच्च रक्त चाप, मुख, गर्भाशय एवं स्तन कैंसर आदि की जांच हो सके। इसके साथ ही अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी है। प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों की भीड़ न हो, यह भी सुनिश्चित कराया जाना था। साथ ही इन केंद्रों पर योग से लोगों को निरोगी बनाने के तरीके बताए जाने थे। इसके लिए सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर कम्यूनिटी हेल्थ अधिकारियों की तैनाती की गई। कोविड महामारी का दौर शुरू हुआ तो यहां पर ओपीडी बंद कर दी गई, लेकिन अब तक ओपीडी शुरू नहीं हुई है, जिससे क्षेत्र के लोगों को सही ढंग से स्वास्थ्य की सुविधाएं नहीं मिल पा रही है।
कोट
हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर सक्रिय करने के लिए शासन से निर्देश मिला है। इसके लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
- संजीव कुमार सिंह, जिला कम्यूनिटी प्रोसेस मैनेजर
हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स को सक्रिय करने के लिए सभी अधीक्षकों को पत्र भेजा गया है। निर्देश दिए गए हैं कि सेंटर्स पर कम्यूनिटी हेल्थ अफसरों को तैनात किया जाए, ताकि ओपीडी शुरू हो सके।
- डॉ. मोहन झा, एसीएमओ