संतकबीरनगर। नकल विहीन बोर्ड परीक्षा के लिए प्रशासन ने नया फरमान जारी किया है। परीक्षा केंद्र पर सामूहिक नकल पाए जाने पर विद्यालय की मान्यता रद्द कर दी जाएगी। साथ ही कक्ष निरीक्षक, केंद्र व्यवस्थापक और अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। निरीक्षण के दौरान शक होने पर उत्तर पुस्तिकाओं का मिलान किया जाएगा।
जिले में 103 परीक्षा केंद्रों पर 70566 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा की गरिमा बनाए रखने के लिए तीन जोनल, 12 सेक्टर, 70 स्टेटिक मजिस्ट्रेट, चार सचल दस्ता, तीन वरिष्ठ प्रभारी अधिकारी के साथ ही एलआईयू व अन्य खुफिया एजेंसियां लगाई गई हैं। परीक्षा के दौरान अधिकारी केंद्रों का निरीक्षण करेंगे और शक होने पर कॉपियों का मिलान करेंगे।
परीक्षा कक्ष में अधिकांश परीक्षार्थियों के उत्तर में समानता होने पर सामूहिक नकल मानी जाएगी। इसके लिए कक्ष निरीक्षक समेत अन्य लोग जिम्मेदार माने जाएंगे। कई कमरों में सामूहिक नकल के लिए केंद्र व्यवस्थापक उत्तरदायी होंगे।
इसके साथ ही उक्त केेंद्र की दोबारा परीक्षा अन्य विद्यालय पर होगी और उक्त केंद्र की मान्यता समाप्त कर दी जाएगी। परीक्षा में किसी प्रकार की नकल सामग्री मिलने पर कक्ष निरीक्षक, केंद्र व्यवस्थापक, अतिरिक्त केेंद्र व्यवस्थापक, सचल दस्ता प्रभारी जिम्मेदार होंगे और उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के साथ ही केस दर्ज कराया जाएगा।
परीक्षा केंद्रों के निरीक्षण के दौरान शक होने पर कॉपियो का मिलान कराया जाएगा। अगर एक जैसे उत्तर मिले तो संबंधित परीक्षा को निरस्त करते हुए उक्त विद्यालय की मान्यता समाप्त कर दी जाएगी और संबंधित के विरुद्घ केस दर्ज कराया जाएगा।
शिव कुमार ओझा, डीआईओएस