संतकबीरनगर। विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में शनिवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान बिजली कर्मियों ने कहा कि सरकार को हस्तक्षेप कर निजीकरण की प्रक्रिया तत्काल वापस लेना चाहिए। ऐसा नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
संघर्ष समिति के पदाधिकारी रमेश प्रजापति ने कहा कि त्योहारों के मद्देनजर बिजली कर्मी निजीकरण के विरोध के साथ-साथ उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति का कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता पर सुनिश्चित करने के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के निर्णय के विरोध में बिजली कर्मी विगत दस माह से आंदोलनरत हैं, इसके बाद भी कोई सार्थक कदम नहीं उठाया गया है।
संघर्ष समिति के पदाधिकारी श्रवण प्रजापति ने कहा कि पावर कार्पोरेशन प्रबंधन को बिजली कर्मियों के योगदान को देखते हुए नवरात्र के पहले उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों को वापस लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि डाउन साइजिंग के नाम पर हटाए गए अत्यंत अल्प वेतन भोगी सभी संविदा कर्मियों को तत्काल कार्य में वापस लिया जाए। फेशियल अटेंडेंस के नाम पर जिन कर्मचारियों का वेतन रोका गया है, उन्हें त्योहार के पहले तत्काल वेतन दिया जाए।
धरना में इंजीनियर मुकेश गुप्ता, धीरेंद्र यादव, सुनील प्रजापति, भास्कर पांडेय, विजय कुमार, मनीष मिश्रा, नारायण चंद्र, अशोक कुमार, आशीष कुमार, उमेश चौधरी, मनोज यादव, वीके मौर्य आदि कर्मी मौजूद रहे।