गोल्डन कार्ड : आगे बढ़ने के बजाय पीछे पहुंच गया जिला
छह माह पूर्व की रैंकिंग में जिला 47वें पायदान पर था, अब पहुंचा 53वें स्थान पर
5,27,845 लोगों का बनाया जाना है अब तक बना सिर्फ 1,05,569 लोगों का गोल्डन कार्ड
पुनीत कुमार मिश्र
संतकबीरनगर। जिले के अफसर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने की कोशिश में लगे हैं। बावजूद इसके जमीन पर यह कोशिश पूरी होती नहीं दिख रही है। पात्रों को गोल्डन कार्ड मुहैया कराने की स्थिति तो कुछ ऐसा ही बयां कर रही है। करीब छह माह पूर्व जिला 47वें पायदान पर था, हाल की रैकिंग में 53वां स्थान मिला है।
आंकड़ों की बात करें तो 5,27,845 के सापेक्ष अब तक यहां 1,05,569 लोगों का गोल्डन कार्ड बन चुका है। इस कार्ड से 10119 लोग लाभ भी ले चुके हैं। अब कार्ड बनाने की रफ्तार तेज करने के लिए महकमा गोल्डन कार्ड पखवाड़ा मना रहा है। यह 30 सितंबर तक चलेगा।
दरअसल, गरीब तबके के लोगों को प्राइवेट अस्पताल में इलाज के लिए सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाने का अभियान चलाया। इस अभियान के तहत 2011 की आर्थिक गणना के अनुसार गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों का गोल्डन कार्ड बनाया जाना है। 23 सितंबर 2018 को गोल्डन कार्ड बनाए जाने का अभियान शुरू हुआ। जिसके बाद अब तक 92,079 परिवारों का चयन किया गया। इन परिवारों में कुल 5,27,845 लाभार्थियों को आच्छादित किया जाना है। जिसमें से 1,09,883 लोगों का गोल्डन कार्ड अब तक बनाया जा चुका है। गोल्डन कार्ड में प्रगति धीमी होने पर स्वास्थ्य महकमे ने हर रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में शिविर लगाकर कार्ड बनाए जाने का निर्देश दिया। उसके बावजूद 417962 लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड नहीं बन पाया। हाल में प्रदेश के जिलों की समीक्षा की गई तो संतकबीरनगर जिले को प्रदेश में 53 वां स्थान मिला। जिस पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने गोल्डन कार्ड पखवाड़े के माध्यम से कार्ड बनाने का अभियान शुरू किया है।
आयुष्मान भारत योजना के जिला प्रोग्राम कोआर्डिनेटर जनमेजय सिंह ने बताया कि लगातार परिवार से संपर्क किया जा रहा है और जागरूक भी किया जा रहा है। लोग कार्ड बनवाने में रुचि नहीं ले रहे हैं। अब गोल्डन कार्ड पखवाड़े के माध्यम से कार्ड बनाने की मुहिम शुरू की गई है। अभियान 30 सितंबर तक चलेगा। जिससे अधिक से अधिक गोल्डन कार्ड बनाए जा सकें। उन्होंने माना कि कार्ड बनाने की पहले जिले की 47वीं रैंक थी, अब यह 53वीं हो गई। इसे सुधारने के लिए प्रयास किए जाएंगे। (संवाद)
प्रति कार्ड 30 रुपये है फीस
गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए 30 रुपये फीस निर्धारित है। सीएमओ कार्यालय समेत समस्त सीएचसी पर गोल्डन कार्ड बनाया जा रहा है। 16 सितंबर से 30 सितंबर के बीच गोल्डन कार्ड पखवाड़ा आयोजित किया गया है। जिसमें कार्ड नि:शुल्क बनाया जाएगा।
गोल्डन कार्ड से संबंधित समस्त कर्मियों को निर्देशित किया गया है कि शिविर लगाकर अधिक से अधिक संख्या में गोल्डन कार्ड बनवाना सुनिश्चित कराए। इसके साथ ही गांव-गांव लोगों को जागरूक करें। जिससे लक्ष्य को पूरा किया जा सके।
- डॉ. इंद्रविजय विश्वकर्मा, सीएमओ