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घाघरा नदी का जलस्तर घटा, कटान से खतरा बढ़ा

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गाय घाट दक्षिणी के पास कटान करती घाघरा नदी। - फोटो : KHALILABAD
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घाघरा नदी का जलस्तर घटा, कटान से खतरा बढ़ा
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- गायघाट दक्षिणी गांव को कटान से खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। घाघरा नदी के जलस्तर में शनिवार को गिरावट दर्ज की गई। वहीं कटान से गायघाट दक्षिणी गांव को खतरा बढ़ गया है।
घाघरा नदी का जलस्तर शुक्रवार के शाम तक 79.45 मीटर पहुंच कर खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर अधिक हो गया था। शनिवार की सुबह आठ बजे नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज हुई और जलस्तर 79.35 मीटर पर पहुंच गया। नदी का जलस्तर घटने से बाढ़ प्रभावित गांव गायघाट दक्षिणी, सरैया, खरैया, ढोलबजा, गुनवतिया, चकदहा, सुअरहा, सियाराम अधीन सिंह, दौलतुपर, सियर कला समेत 38 गांव के लोगों ने राहत की सांस ली। लेकिन गायघाट दक्षिणी गांव के करीब नदी का कटान देख लोगों को चिंता सताने लगी है।
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वहीं बाढ़ प्रभावित गांवों में लगाई गई नाव नाकाफी साबित हो रही है। गांव वालों का कहना है कि नाव पर्याप्त मात्रा में न होने से कई गांव के लोग पानी में घुसकर अपने गंतव्य को आने जाने के लिए विवश हैं। क्षेत्र के लालचंद, झिनक, रामकिशुन, पप्पू, श्रीपत, सुरेंद्र , रामसूरत, राधेश्याम, रामनयन, रामसुरेश आदि का कहना है कि नदी और बांध के बीच बसे गांव के लोग बाढ़ की विभीषिका को कई दिनों से झेल रहे हैं। फसल बर्बाद हो गई है। नदी की कटान से गायघाट दक्षिणी गांव नदी की धारा में विलीन होने के कगार पर पहुंच गया है, लेकिन अभी तक तहसील का कोई भी अधिकारी यहां तक बाढ़ पीड़ितों का हाल जानने नहीं आया। जनप्रतिनिधि तो यहां केवल चुनाव के समय नजर आते हैं। एसडीएम प्रमोद कुमार का कहना है कि नदी के जलस्तर में कमी आ रही है। लेखपाल, कानूनगो व नायब तहसीलदार बाढ़ प्रभावित गांवों में लगे हुए हैं। जहां नांव की आवश्यकता है वहां पर नांव लगाई जा रही है।
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