- जिले के विकास को नहीं मिल पा रही गति, पर्यटकों को लुभाने व श्रद्धालुओं को राहत देने पर ग्रहण
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले के विभिन्न धार्मिक स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की योजना धरातल पर नहीं उतर सकी है। शासन की मंजूरी और धन स्वीकृत होने के बावजूद कहीं काम शुरू नहीं हुआ तो कहीं काम शुरू होने के बाद ठप पड़ा है। इससे जहां पर्यटन विकास की उम्मीदों पर ग्रहण लग रहा है, वहीं जिले के विकास को भी गति नहीं मिल पा रही है।
खलीलाबाद विकास खंड के चकपिहानी में ऐतिहासिक ठाकुर जी का मंदिर है। राधा कृष्ण के इस मंदिर में सुविधाओं की कमी को देखते हुए इसे पर्यटन के दृष्टिकोण से विकसित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। जिसकी शासन से मंजरी भी मिल चुकी है। मंदिर के सुंदरकीरण के लिए दो करोड़ की योजना है। यहां इंटरलाॅकिंग, सोलर लाइटें, श्रद्धालुओं के बैठने के लिए बेंच, यात्री भवन आदि कार्य होने हैं। उद्देश्य यह है कि यहां पर्यटक आएंगे तो इस क्षेत्र का विकास होगा और श्रद्धालओं को भी राहत मिलेगी, लेकिन अब तक कुछ भी नहीं हो सका है।
इसी अलावा तामेश्वरनाथ मंदिर को पर्यटन के रूप विकसति करने की पहल की गई। इसका सर्वे आदि कार्य कराए गए। सदर विधायक अंकुरराज तिवारी ने इसको लेकर कई बार अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्य योजना तैयार कराई। यहां पर धर्मशाला, शौचालय, पोखरे का सुंदरीकरण, वोटिंग की व्यवस्था, सड़क का जीर्णोंद्धार, पथ प्रकाश व्यवस्था आदि के कार्य कराए जाने हैं। अब जबकि सावन माह की शुरूआत होने वाली और यहां श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ेगी, इसके बाद भी कार्य नहीं हो सके हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं को परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
समय माता मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए साढ़े तीन करोड़...कार्य अधूरा
खलीलाबाद शहर के प्रसिद्ध समय माता मंदिर के आस-पास व पोखरे के जीर्णोद्धार के लिए भी कार्य योजना तैयार की गई है। जिसके लिए करीब साढ़े तीन करोड़ की स्वीकृति है। यहां पर पोखरे के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू कराया गया और चारों तरफ सीढि़यां आदि बनाई गई। इधर बारिश शुरू होने के बाद से ही कार्य ठप हो गया है। यहां पोखरे के किनारे बैठने के लिए बेंच, फव्वारा, पथ प्रकाश की व्यवस्था सहित तमाम कार्य होने हैं, लेकिन कार्य ठप होने से लोगों को निराश होना पड़ा है।
पंचमुखी मंदिर का विकास अधर में
मेंहदावल कस्बे में प्रसिद्ध पंचमुखी मंदिर है, यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आना- जाना रहता है। इसको पर्यटन के दृष्टि से विकसित करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था, जिसकी स्वीकृति मिल चुकी है और चार करोड़ रुपये अवमुक्त भी हो चुके हैं। यहां पर यात्रियों के बैठने के लिए बेंच, प्रकाश व्यवस्था, इंटरलाकिंग सहित तमाम कार्य होने हैं, लेकिन अभी तक कार्य ही शुरू नहीं हो सका है।
धार्मिक स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। समय माता मंदिर के पोखरे पर काम चल रहा है, जबकि चकपिहानी में भी कार्य शुरू हो गया है। संबंधित को निर्देश दिए गए हैं कि धार्मिक स्थलों के विकास के कार्य शुरू कराते हुए जल्द से जल्द कार्य पूर्ण कराए जाएं।
- महेंद्र सिंह तंवर, डीएम