मेंहदावल। परिषदीय विद्यालयों के साथ माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों को मोबाइल की लत से मुक्त करने के लिए किताबों से जोड़ने की पहल शुरू की जाएगी। शिक्षा विभाग की ओर से किताब संग बचपन अभियान की शुरुआत की जा रही है। इसके लिए स्कूलों पर आसान और रोचक पुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही है
बीईओ महेंद्र नाथ त्रिपाठी ने बताया कि स्कूलों में बच्चों को किताबों से जोड़ने और उनमें पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने विशेष अभियान की शुरुआत की है। स्कूलों में पढ़ाई को रोचक, उपयोगी और गतिविधि आधारित बनाने पर जोर दिया जाएगा। अभियान को अमल में लाने के लिए माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के निर्देश पर सभी प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सात जनवरी से ही विशेष शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।
अभियान का उद्देश्य बच्चों को पुस्तकों की ओर आकर्षित करना, मोबाइल और अन्य स्क्रीन पर निर्भरता कम करना है। विभाग ने शिक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे कक्षा शिक्षण के साथ-साथ समाचार पत्रों, पुस्तकों और रचनात्मक गतिविधियों का नियमित उपयोग करें। समाचार पत्रों के माध्यम से सामान्य ज्ञान, करेंट अफेयर्स, शब्दावली और पाठ्यवस्तु की समझ विकसित कराई जाएगी। इसके अलावा समूह चर्चा, सुडोकू, क्रॉसवर्ड और अन्य बौद्धिक खेलों को भी पढ़ाई का हिस्सा बनाया जाएगा।
आकस्मिक सीख (एक्सीडेंटल लर्निंग) को प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। विभाग ने स्कूल पुस्तकालयों के प्रभावी उपयोग, मॉर्निंग असेंबली में पठन-पाठन से जुड़े विचार, थॉट ऑफ द डे, ग्रुप डिस्कशन, लाइब्रेरी पीरियड और पेरेंट-टीचर मीटिंग में इस अभियान को शामिल करने के निर्देश दिए हैं। इस पहल का शिक्षक संगठनों ने स्वागत किया है। शिक्षकों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि अभियान बच्चों के सर्वांगीण विकास में काफी सहयोगी होगा। बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि जल्द ही इसकी शुरुआत की जाएगी।