संतकबीरनगर। ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा खान के मदरसे का प्रकरण सामने आने के बाद अब जिला प्रशासन ने अन्य मदरसों में तैनात शिक्षकों की उपस्थिति की मानीटरिंग शुरू कर दी है। ऑनलाइन हाजिरी के साथ ही प्रत्येक माह उपस्थिति सत्यापित होने के बाद ही भुगतान किया जाएगा। इसके लिए अल्पसंख्यक विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। विभाग में कई उच्चस्तरीय अधिकारियों पर हुई कार्रवाई के बाद अल्पसंख्यक कल्याण विभाग सक्रिय हो गया है।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के मुताबिक, जिले में 15 एडेड व 168 मान्यताप्राप्त मदरसा संचालित हो रहे हैं। 15 एडेड मदरसों में लगभग 200 शिक्षक, प्रधानाचार्य व शिक्षणेतर कर्मचारी तैनात हैं। जो छात्रों के पठन पाठन का कार्य सुचारु रूप से कर रहे हैं। इन मदरसों में छात्रों के पठन-पाठन के लिए प्रदेश सरकार हर माह लाखों रुपये खर्च कर रही है। दुधारा थाना क्षेत्र के देवरिया लाल गांव निवासी मौलाना शमशुल हुदा खान के आजमगढ़ मदरसे में तैनाती के बाद बिना विभाग की सूचना के ब्रिटिश नागरिकता लेने के बावजूद यहां से वेतन लेने का मामला सामने आया। उसके बाद अल्पसंख्यक कल्याण विभाग काफी सतर्कता बरत रहा है। शासन के कड़े रुख के बाद मदरसों में शिक्षकों के ऑनलाइन हाजिरी की व्यवस्था कर दी गई है। इसके साथ ही प्रत्येक माह शिक्षकों की उपस्थिति की जांच करने के बाद ही वेतन भुगतान किया जा रहा है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग मदरसों के शिक्षकों की उपस्थिति का भी लगातार मानीटरिंग कर रहा है।
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इन अधिकारियों पर हो चुकी है विभागीय कार्रवाई
ब्रिटेन की नागरिकता लेने के बाद वेतन भुगतान के मामले में कई उच्चाधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई हो चुकी है। मौलाना शमशुल हुदा खान के 16.59 लाख रुपये अनियमित भुगतान के मामले में शासन स्तर से अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक एसएन पांडेय, आजमगढ़ जनपद के तत्कालीन अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी साहित्य निकष सिंह, लालमन और प्रभात कुमार को निलंबित कर दिया गया है। वहीं इस मामले में दर्ज प्राथमिकी में आजमगढ़ जनपद के मुबारकपुर स्थित मदरसा दारुल उलूम अहले सुन्नत मदरसा अशरफिया मिस्बाहुल उलूम प्रबंधक सरफराज एवं प्रधानाचार्य मिस्बाह व अब्बास के साथ ही एक लिपिक को भी आरोपी बनाया गया है।
जिले में 15 एडेड और 168 मान्यता प्राप्त मदरसे हैं। एडेड मदरसाें में ऑनलाइन हाजिरी की व्यवस्था कर दी गई है। सभी शिक्षक व शिक्षणेतर कर्मियों की हर माह हाजिरी सत्यापन के बाद ही वेतन भुगतान किया जा रहा है। -प्रवीण कुमार मिश्र, डीएमओ