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Sant Kabir Nagar News: टप्पेबाजों ने बदला ट्रेंड, बैंककर्मी बता कर लोगों से कर रहे ठगी

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बैंक से रुपये निकालने वाले कम पढ़े-लिखे लोग हो रहे शिकार
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बैंकों में रेकी कर पैसा निकाल रहे उपभोक्ताओं की करते हैं पहचान

संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। टप्पेबाजों ने ट्रेंड बदल दिया है। अब वे बैंक से पैसा निकालकर घर जा रहे कम पढे़-लिखे लोगों को निशाना बना रहे हैं। पहले बैंकों में रेकी कर ऐसे लोगों की पहचान करते हैं, फिर रास्ते में सुनसान जगह पर उन्हें रोककर खुद को बैंककर्मी होने का विश्वास दिलाते हुए उनसे ठगी कर रहे हैं। महुली क्षेत्र में एक सप्ताह के भीतर ऐसी दो घटनाएं हो चुकी हैं।
बैंक से पैसा लेकर घर जा रहे उपभोक्ताओं से साथ टप्पेबाजी के नए ट्रेंड की घटना से पुलिस भी हैरत में है। नए ट्रेंड में टप्पेबाज खुद बैंकों में पहुंच रहे हैं। वहां ऐसे लोगों को चिह्नित करते हैं, जो पैसा निकालने के लिए बिड्राॅल फार्म भरवाने में दूसरों की मदद लेते हैं। ऐसे उपभोक्ता जब बैंक से रकम लेकर घर जाने लगते हैं, तभी पीछे-पीछे टप्पेबाज भी चल देते हैं। रास्ते में सुनसान जगह देखकर टप्पेबाज घटना को अंजाम देते हैं। पुराने ट्रेंड में कागज की गड्डी को नोटों की शक्ल देकर टप्पेबाज लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। कहीं लोगों के पास नोट गिराकर उसे नकली बताते हुए डराकर रकम लेकर फरार हो जाते थे, लेकिन अब खुद को बैंककर्मी होने का विश्वास दिलाकर लोगों से ठगी करने लगे हैं। संवाद
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इंसेट

शनिवार को पीएनबी की शाखा नाथनगर से खाते से 20,000 रुपये निकालकर घर जा रहे अलीनगर गांव निवासी 62 वर्षीय राम मिलन यादव को टप्पेबाजों ने खुद को बैंककर्मी बताकर टप्पेबाजी की घटना को अंजाम दिया। उन्हें बैंक से मिले नोटों को नकली बताकर 20,000 रुपये ले लिए और पीड़ित को बैंक बुलाया। जब पीड़ित बैंक पहुंचा, तब उसे पता चला कि उसके साथ धोखाधड़ी हो गई है।
इंसेट
बुधवार को महुली क्षेत्र के पीएनबी सिकटहां की शाखा से 26,000 रुपये निकल कर घर जा रहे किसान को भी टप्पेबाजों ने ठगी की। बेलराई गांव निवासी 65 वर्षीय राम कृपाल चौहान बैंक से 26,000 निकालकर साइकिल से घर जा रहे थे। जैसे ही वह धायपोखर के सीवान में पहुंचे। उसी दौरान पीछे से स्कूटी सवार टप्पेबाज ने उन्हें ओवरटेक कर रोक लिया और खुद को बैंक का कर्मचारी बताया। टप्पेबाज ने किसान को बैंक से अधिक रकम लेने की बात कही। इतना सुनकर किसान ने रुपये निकाले और गिनने लगा। तभी स्कूटी सवार टप्पेबाज ने रकम लेकर उन्हें बैंक बुलाया। बैंक पहुंचने पर किसान को पता चला कि उसके साथ ठगी हुई है।

इंसेट
कम पढ़े लिखे और बुजुर्ग यदि बैंक से रुपये निकालने जाएं तो किसी परिजन या खास व्यक्ति को साथ लेकर जाएं। जिससे उन्हें किसी से मदद न लेनी पड़े। यदि और कोई समस्या आए तो बैंक के कर्मचारी से संपर्क करें। किसी अपरिचित से रुपये की निकासी की चर्चा न करें।

-ब्रजेश कुमार मिश्र,पूर्व फील्ड अफसर, एसबीआई शाखा हरिहरपुर

इंसेट
किसी अनजान व्यक्ति ने बिड्राॅल फाॅर्म न भरवाएं। जरूरत हो तो बैंक की शाखा में गार्ड या बैंक सखी होते हैं, उनकी मदद लें। रास्ते में यदि काेई व्यक्ति बैंककर्मी बता कर रोकता और कुछ पूछता है तो उससे न बात करें और न ही उसे रकम के बारे में बताएं। न ही उसे रकम दिखाएं। गांवों में शिविर लगवाकर लोगों को भी जागरुक किया जाएगा।
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- पवन सिन्हा, लीड बैंक मैनेजर
इंसेट
टप्पेबाजों का नया ट्रेंड प्रकाश में आया है। सादे कपड़े में पुलिस कर्मी बैंकों की जांच में लगाए गए हैं, जाे संदिग्ध लोगों की पहचान करेंगे। साथ ही सीसीटीवी फुटेज के जरिए ऐसे लोगों की पहचान की जाएगी। लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले जल्द ही पकड़े जाएंगे।
संतोष कुमार सिंह, एएसपी
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