फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sant Kabir Nagar News: शेयर बाजार में निवेश के नाम पर ठगी, एक करोड़ की संपत्ति कुर्क

Wed, 29 Jul 2026 12:33 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
विज्ञापन
विज्ञापन
संतकबीरनगर। शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब एक करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर दी है। इससे हड़कंप मच गया है।
विज्ञापन

एसपी संदीप कुमार मीना ने मंगलवार को बताया कि जिले में अब तक की पहली और सबसे बड़ी संपत्ति कुर्क की गई है। मामले में सह-अभियुक्त की करीब चार करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया भी न्यायालय में विचाराधीन है।
एसपी ने बताया कि मुख्य आरोपी धनंजय शुक्ला और रजनी प्रजापति ने शेयर मार्केट में निवेश पर अधिक मुनाफे का लालच देकर कई लोगों से करोड़ों रुपये ठग लिए थे। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र स्थित जेबी वैली गार्डन में प्लॉट संख्या-61 पर लगभग 65 लाख रुपये में संपत्ति खरीदी थी, जिसकी वर्तमान बाजार कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई है। न्यायालय के आदेश पर संपत्ति को कुर्क कर लिया गया।
विज्ञापन

एसपी के अनुसार मामले की शुरुआत 18 अक्तूबर 2025 को हुई, जब महुली थाना क्षेत्र के हटवा निवासी संतलाल मौर्य ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि टीवीएस सॉल्यूशन कंपनी के संचालकों ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर उनसे 51 लाख रुपये लिए, लेकिन निवेश अवधि पूरी होने के बाद कार्यालय बंद कर फरार हो गए और रकम वापस नहीं की। इस पर महुली थाने में प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

15 से 20 करोड़ रुपये जुटाने का खुलासा
विवेचना के दौरान बैंक खातों, डिजिटल डाटा और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच में पता चला कि गिरोह ने विभिन्न जनपदों के निवेशकों से करीब 15 से 20 करोड़ रुपये एकत्र किए थे। जांच में यह भी सामने आया कि रकम शेयर बाजार में निवेश नहीं की जाती थी, बल्कि पोंजी और पिरामिड स्कीम की तर्ज पर नए निवेशकों से मिली रकम से पुराने निवेशकों को भुगतान कर विश्वास बनाए रखा जाता था। अधिक मुनाफे का झांसा देकर लगातार नए लोगों को जोड़ा जाता था।
-
चार गिरफ्तार, चार अन्य की भूमिका भी सामने आई
एसपी ने बताया कि इस मामले में मुख्य आरोपी धनंजय शुक्ला और रजनी प्रजापति को 18 मई 2026 को गिरफ्तार किया गया था। बाद में 6 जुलाई 2026 को विक्रांत प्रकाश सिंह और सत्यप्रकाश यादव को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। विवेचना में चार अन्य सहयोगियों की संलिप्तता भी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि निवेशकों की रकम से खरीदी गई अन्य चल-अचल संपत्तियों का भी पता लगाया जा रहा है और उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सह-अभियुक्त की चार करोड़ की संपत्ति भी रडार पर
एसपी ने बताया कि जांच में सह-अभियुक्त विक्रांत प्रकाश सिंह की करीब चार करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति भी चिह्नित की गई है। उसकी कुर्की के लिए धारा 107 बीएनएसएस के तहत रिपोर्ट न्यायालय भेजी जा चुकी है, जिस पर सुनवाई लंबित है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें