संतकबीरनगर। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट भूपेंद्र राय की अदालत ने घर में घुसकर मारने पीटने अपशब्द कहते हुए जान से मारने की धमकी देने तोड़ फोड़ करने व एससी/एसटी एक्ट के मामले में मो. जमीर, मो. यासीन, मो. सफीक, निजामुद्दीन को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिए।
वहीं वादी पर झूठा मुकदमा चुनावी रंजिश को लेकर दर्ज कराने और राज्य सरकार से प्राप्त आर्थिक सहायता वसूली का जिलाधिकारी को आदेश दिया है।
थाना बेलहर कला अंतर्गत ग्राम भटौली के रहने वाले संगम कुमार ने थाना बेलहर कला पुलिस को तहरीर देकर कहा किया कि 2 मई 2021 को दिन में लगभग 4:30 बजे चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद उसके गांव के मो जमीर, मो सफीक, मो यासीन व निजामुद्दीन उसके भूसे के पास पटाखा फोड़ने लगे। जिससे उसके भूसे में आग लग गई।
बोलने पर जान से मारने की धमकी देते हुए घर में घुसकर मारे-पीटे और अपमानित किए। थाना बेलहर कला में केस दर्ज हुआ।
विवेचक ने विवेचना के उपरांत सभी चारों आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट भूपेंद्र राय की अदालत में गवाहों की गवाही पक्षों की बहस सुनने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर थाना बेलहर कला अंतर्गत ग्राम भटौली निवासी चारों आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिए।