संतकबीरनगर। ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत पुलिस की प्रभावी विवेचना और अभियोजन की सशक्त पैरवी के चलते 26 वर्ष पुराने मारपीट के एक मामले में न्यायालय ने चार अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए जेल में बिताई गई अवधि की सजा और प्रत्येक पर पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (जूनियर डिवीजन/जेएम) की अदालत ने थाना बखिरा में वर्ष 2000 में दर्ज प्राथमिकी की सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। न्यायालय में अभियुक्तों द्वारा अपना अपराध स्वीकार किए जाने पर उन्हें भारतीय दंड संहिता के तहत दोषी मानते हुए जेल में बिताई गई अवधि की सजा तथा प्रत्येक पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। जुर्माना जमा नहीं करने पर पांच दिन का साधारण कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार शाहूपार निवासी लालमन यादव ने थाना बखिरा में शिकायत दर्ज कराई थी कि कोइली देवी, राधिका, मिथनी देवी और सुशीला ने उनके साथ मारपीट की और गाली-गलौज करते हुए धमकी दी। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर तत्कालीन विवेचक उपनिरीक्षक गोपाल शरण चौबे ने साक्ष्य संकलित कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था।