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संतकबीरनगर: मौसेरे भाई और तीन सगी बहनों की आमी नदी में डूबने से मौत, बेबस मौसी बचा न पाई बच्चों को

Fri, 09 Sep 2022 04:55 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, मगहर/ संतकबीरनगर

सार

खबर गांव में आग की तरह फैली तो ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। सूचना पर पीड़ित परिजन, ग्रामीण और पुलिस पहुंच गई है। पुलिस आमी नदी में डूबे बच्चों की तलाश शुरू करा दी है। मौके पर सैकड़ों की संख्या में लोग जुट गए हैं।
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आमी नदी में बच्चों की तलाश करते ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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संतकबीरनगर के मगहर कोतवाली क्षेत्र के मोहम्मदपुर कठार गांव के पूरब आमी नदी में डूब जाने से शुक्रवार को तीन सगी बहनों और मौसेरे भाई की मौत हो गई। मौसी के साथ उसका बेटा और तीनों बहनें नदी में पूजा का सामान विसर्जित करने गईं थीं। उसी दौरान हादसा हुआ। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से नदी में डूबी तीनों बहनों और मौसेरे भाई का शव ढूंढ निकाला।

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गोरखपुर जिले के बांसगांव की रहने वाली संजू पत्नी वीरेंद्र कुमार अपने दस वर्षीय बेटे अजीत के साथ कोतवाली क्षेत्र के मोहम्मदपुर कठार गांव में अपनी बहन सरोज पत्नी दिनेश के घर आई थी। शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे संजू अपने बेटे अजीत व बहन की 18 वर्षीय बेटी रूबी, 11 वर्षीय रंजना और छह वर्षीय दीपाली के साथ मोहम्मदपुर कठार गांव से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित आमी नदी में पूजा का सामान विसर्जित करने गई थी। 

संजू पूजा का सामान विसर्जित करने नदी में उतरी। पीछे से उसका बेटा और बहन की तीनों बेटियां भी नदी में उतर गईं। गहराई में चले जाने से बेटा और बहन की तीनों बेटियां डूबने लगीं। खुद का बचाव कर संजू तो नदी से बाहर निकल गई ,लेकिन उन चारों को नहीं बचा पाई। संजू ने शोर मचाया तो आसपास मौजूद ग्रामीण और मगहर चौकी के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए। चौकी इंचार्ज विजय कुमार दूबे कुछ स्थानीय ग्रामीणों के साथ आमी नदी में उतर गए। चौकी इंचार्ज ने ग्रामीणों की मदद से करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद चारों के शवों को ढूंढकर बाहर निकाला। चौकी इंचार्ज विजय कुमार दूबे ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम हाउस भिजवा दिया।

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