संतकबीरनगर। कोतवाली खलीलाबाद तथा एसओजी की संयुक्त टीम ने स्वतंत्रता दिवस के दौरान इंडस्ट्रियल एस्टेट में बने शेड के पास छापा मारकर चार शातिर बाइक चोरों को धर दबोचा। उनके पास से चोरी की दो बाइक, एक अवैध तमंचा तथा 19,100 रुपये नकद बरामद किए गए। चोरों ने बाइक चोरी की छह वारदातों अंजाम देने की बात कबूली है।
अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह ने बताया कि एसपी संदीप मीना के निर्देशन में कोतवाल पंकज कुमार पांडेय तथा एसओजी प्रभारी अजय सिंह अपनी टीम के साथ क्षेत्र में अपराधियों की खोज में लगे थे। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र के पास बने यात्री शेड के पास छापा मारा और वहां पर बाइक चोरी की साजिश रच रहे चार शातिर चोरों को धर दबोचा। उनके पास से चोरी की दो स्पलेंडर प्लस मोटरसाइकिल बरामद की गई, चार बाइक नेपाल बार्डर पर ले जाकर बेच दिया गया।
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इन आरोपियों को किया गया है गिरफ्तार
पकड़े गए आरोपियों में महुली थानाक्षेत्र के गौरा गांव के निवासी यश मिश्रा, पंकज कुमार भारती और मुराली दुबे शामिल हैं। वहीं महुली थानाक्षेत्र के ही ओनबिलाई उर्फ ओनिया का शेखर उपाध्याय भी उनके गिरोह में शामिल है।
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चोरी की इन घटनाओं का हुआ खुलासा
- तामेश्वरनाथ मंदिर परिसर से 20 जुलाई की रात में कोतवाली खलीलाबाद के बयारा निवासी विश्वजीत कुमार की स्प्लेंडर बाइक चुराई, जो बरामद हुई है।
- तामेश्वरनाथ मंदिर परिसर 21 जुलाई की सुबह महुली थानाक्षेत्र के पड़रहा निवासी सचिन की हीरो स्प्लेंडर बाइक चुराई, जो बरामद हुई है।
- मड़या अचकवापुर से 31 जुलाई की शाम को कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के रामपुर निवासी विश्वजीत भारती की स्प्लेंडर प्रो बाइक चुराई, इसे 25 हजार में बेच दिया।
- पीडब्ल्यूडी कार्यालय के पास से 2 मई की शाम को बखिरा थानाक्षेत्र के बंधवा निवासी शैलेंन्द्र कुमार यादव की पल्सर बाइक चुराई, इसे 28000 हजार में बेच दिया।
- गोलाबाजार में बीज भंडार के सामने से 31 मई की शाम कोतवाली खलीलाबाद के पटखौली निवासी संजय सिंह की पल्सर बाइक चुराई, इसे 30 हजार में बेच दिया।
- दुधारा क्षेत्र के बाघनगर स्थित दुकान के बरामदे से 17 मई की रात में वहीं के निवासी मोहम्मद सैफ की पल्सर बाइक चुराई, इसे 20 हजार में बेच दिया।
नेपाल में बेचते थे बाइक
पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने बताया कि चारों मिलकर वाहनों की चोरी करते थे तथा नेपाल बार्डर पर ले जाकर एक नेपाली व्यक्ति को बेच देते थे। वहां से वह गाड़ी की कंडीशन के हिसाब से रुपये देता था। उन रुपयों से वह अपने शौक पूरे करते थे।