- 78.650 मीटर पर पहुंचा घाघरा नदी का जलस्तर
-25 से अधिक लोगों के मकानों को खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। दो दिनों में घाघरा नदी के जलस्तर में भारी गिरावट आई है। नदी का जलस्तर 79.250 मीटर से घटकर रविवार को 78.650 मीटर पर पहुंच गया। नदी का पानी घटने के साथ ही तटवर्ती गांवों के करीब पहुंचा बाढ़ का पानी तेजी के साथ हटने लगा है, लेकिन गायघाट दक्षिणी गांव के करीब हो रही कटान से कई मकानों को खतरा बना हुआ है।
घाघरा नदी में हुई वृद्धि के कारण नदी और एमबीडी बांध के बीच स्थित फसल जलमग्न हो गई थी। नदी का पानी 15 से अधिक गांवों के करीब पहुंच चुका था। जिससे भयभीत गांव के लोग पलायन की तैयारी में जुट गए थे, लेकिन शनिवार से नदी का जलस्तर घटना शुरू हुआ तो रविवार तक गांव के किनारे पहुंचा पानी हटने लगा। फसल भी दिखाई देनी शुरू हो गई है।
तुर्कवलिया नायक के पास हुई कटान से आठ किसानों के 100 बीघा से अधिक खेती कट गई। उधर गायघाट दक्षिणी गांव गांव के पास पहुंची नदी रुक-रुक कर कटान कर रही है। जिससे 25 से अधिक लोगों के मकानों को खतरा उत्पन्न हो गया है।
ग्राम प्रधान बालेंद्र उर्फ पप्पू, राकेश कुमार, सुनील, राम बुझारत, सुमित्रानंदन, संजय आदि ने बताया कि नदी जब घटती है तभी कटान तेजी के साथ करना शुरू कर देती है। गनीमत है कि इस वर्ष लगातार कटान नहीं कर रही है। अगर लगातार कटान हुई तो गायघाट दक्षिणी गांव के 50 से अधिक लोगों के मकान नदी की धारा में समाहित हो जाएंगे।
नायब तहसीलदार योगेंद्र पांडेय का कहना है कि नदी के पानी में तेजी के साथ गिरावट हो रही है। इसके बावजूद राजस्व कर्मी बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांव में लगाए गए हैं।