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Sant Kabir Nagar News: सरकारी योजनाओं में लाभ दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले पांच गिरफ्तार

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संतकबीरनगर। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मामले में सात आरोपियों के खिलाफ साइबर क्राइम थाना पर प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस टीम ने आरोपियों के पास से नकदी, असलहा व अन्य सामान भी बरामद किया है। एसपी संदीप कुमार मीना ने बुधवार को रिजर्व पुलिस लाइंस सभागार में मामले का खुलासा करते हुए जानकारी दी।
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एसपी ने बताया कि क्रैक साइबर क्राइम अभियान के तहत संयुक्त पुलिस टीम को साइबर अपराध पर लगाम लगाने व अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगाया गया था। साइबर क्राइम थाना एसआई ललितकांत, एसओजी प्रभारी अजय कुमार सिंह व थाना धनघटा अपराध निरीक्षक रामेश्वर यादव की अगुवाई में संयुक्त टीम ने बुधवार को 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 33 एटीएम कार्ड, 12 मोबाइल, 29 पासबुक, 18 चेक बुक, 24 सिम कार्ड, 2 लेटर पैड, 6 आधार कार्ड, 6 पैन कार्ड, एक पासबुक कार्ड, 2 लैपटाप, 2 लैपटाप चार्जर, एक मोटरसाइकिल, 2 रबर स्टांप 8 अवैध जिंदा कारतूस 32 बोर, 16,750 रुपये नकद बरामद हुआ। पुलिस पूछताछ में आरोपियों की पहचान विजय यादव निवासी जगदीशपुर थाना धनघटा, नीतेश कुमार निवासी त्रिलोकपुर थाना बेलघाट जनपद गोरखपुर, शक्ति निवासी कुसफरा थाना धनघटा, विकास पांडेय निवासी लोहरैया, आर्यन पाल निवासी भरवल परवतवा थाना धनघटा के रूप में हुई। गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर आईटी एक्ट व आर्म्स एक्ट का भी रिपोर्ट दर्ज किया गया। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ समस्त विधिक कार्रवाई पूरी करके संबंधित मजिस्ट्रेट के यहां प्रस्तुत कर जेल भेज दिया गया।

समन्यवय पोर्टल से संदिग्ध बैंक खातों की मिली थी सूचना
एसपी संदीप कुमार मीना ने बताया कि थाना धनघटा को गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल के माध्यम से संदिग्ध बैंक खातों की सूचना प्राप्त हुई। जांच के दौरान संदिग्ध सन्नी भारती को थाना पर बुलाकर पूछताछ की गई। जिसने बताया कि विजय यादव एवं नीतेश कुमार ने उसका खाता पंजाब एंड सिंध बैंक में खुलवाया था। जांच में सामने आया कि आरोपियों का एक संगठित गिरोह है। जिसका सरगना शक्ति है। यह गिरोह गरीब एवं असहाय लोगों को लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था और एटीएम, पासबुक व चेकबुक अपने कब्जे में रख लेता था। गिरोह फर्जी पते व दस्तावेजों का उपयोग कर साइबर ठगी करता था और अपनी पहचान छिपाने के लिए गलत जानकारी देता था। प्राप्त खातों का उपयोग देश के विभिन्न राज्यों बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश व कर्नाटक से ठगी की धनराशि मंगाने में किया जाता था। आरोपियों ने बताया कि वे समस्त डाटा अपने एक मुखिया (जनपद इटावा निवासी) को उपलब्ध कराते थे, जिसके बदले उन्हें कमीशन प्राप्त होता था। पुलिस टीम ने सूचना के आधार पर पहले विजय यादव एवं नीतेश कुमार को गिरफ्तार किया। इसके बाद मेंहदावल मार्ग स्थित बालू शासन पुल के पास से शेष 3 आरोपियों (शक्ति, विकास पांडेय, आर्यन पाल) को गिरफ्तार किया।
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37 खातों से किया गया है लेन देन
एसपी संदीप कुमार मीना ने बताया कि साइबर क्राइम थाना द्वारा जांच में पाया गया कि कुल 37 खातों के माध्यम से लगभग 5 करोड़ रुपये का लेन-देन किया गया था। जिसमें से लगभग 6 लाख रुपये से अधिक फ्रीज कराए गए हैं। शेष अन्य खातों की जांच जारी है। पूछताछ के दौरान यह भी ज्ञात हुआ कि आरोपी मोटरसाइकिल का रजिस्ट्रेशन नंबर बदलकर चलते थे। वाहन के कागजात प्रस्तुत न करने पर मोटरसाइकिल को एमवी एक्ट के अंतर्गत सीज किया गया है।
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