संवाद न्यूज एजेंसी
सेमरियावां। सरयू नहर खंड शाखा खलीलाबाद में छपिया माफी गांव स्थित नहर के फाटक रेगुलेटर पर मछुआरों का कब्जा है। मछली पकड़ने का जाल लगाने के लिए रेगुलेटर फाटक से अपनी मर्जी से पानी का बहाव आगे बढ़ने देते हैं।
इससे आगे नहर में पानी भरपूर मात्रा में नहीं जा पा रहा है। पानी न मिलने से किसानों के धान की फसल सूखने के कगार पर है। मछुआरे मछली पकड़ कर मुनाफा कमा रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारी सबकुछ जान कर अनजान बने हैं।
नहर विभाग के सुपरवाइजर व जेई से गुहार के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। सरयू नहर शाखा खलीलाबाद सेमरियावां ब्लॉक के देवरिया विजई, भैंसवरिया, मीरपुर, उसराशहीद, चोरहा, बढ़या माफी, छपिया माफी, चिउटना, पचपेड़वा होते हुए खलीलाबाद और आगे तक निकली हुई है।
छपिया माफी में फाटक रेगुलेटर लगाकर पानी का बहाव कम ज्यादा किया जा सकता है। छपिया माफी फाटक पर मछुआरे कब्जा जमाए हुए हैं। इनकी मर्जी से पानी आगे निकल पाता है। पूरा सीजन वे यहां मछली पकड़तें हैं। किसानों की फसल सिंचाई के लिए बनी नहर बेमतलब साबित हो रही है। बताया जाता है कि नहर विभाग की तरफ से नहर के फाटक रेगुलेटर व नहर की देखभाल के लिए जेई, सुपरवाइजर, ऑपरेटर की तैनाती है। इसके बाद भी मछुआरों पर रोक नहीं लग रही है और न ही उनके खिलाफ कोई कार्रवाई ही की जा रही है। दूसरी तरफ किसान नहर में पानी आने से परेशान हैं।
शोएब अहमद, तनवीर अहमद , इरशाद अहमद, अनिल कुमार, फैयाज अहमद आदि ने बताया कि सुपरवाइजर व ऑपरेटर की मिलीभगत से मछुआरे कब्जा जमाए हुए हैं। मछुआरों द्वारा मछली पकड़ने के लिए जाल नहीं हटाया तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ शिकायत पत्र मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा।