संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कृष्ण कुमार पंचम की अदालत ने दस वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ दो वर्ष से लगातार जान से मारने की धमकी देकर नशे की हालत में यौन शोषण करने के आरोपी (पिता) की जमानत अर्जी सुनवाई के उपरांत निरस्त कर दी।
दस वर्षीय बच्ची की मां ने मेंहदावल पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया कि उसका पति नशेड़ी है। आए दिन वह उसकी सास, देवर व उसके साथ अपशब्द कहते हैं। पति उसकी दस वर्षीय पुत्री का यौन शोषण करता है। 23 अक्तूबर 2025 को नशे कि हालत में रात में 9 बजे उसकी नाबालिग लड़की के साथ जबरजस्ती यौन शोषण कर रहा था। हम लोगों के देखने के बाद वह जान माल की धमकी देकर भाग गया। थाने में केस दर्ज हुआ। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपी 25 अक्तूबर 2025 से जिला कारागार में निरुद्ध है। आरोपी ने अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो ऐक्ट कृष्ण कुमार पंचम की अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया। विशेष लोक अभियोजक फौजदारी ने जमानत का विरोध किया। अदालत ने पक्षों की दलील सुनने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य एवं मामले में आरोपी पिता की जमानत अर्जी निरस्त कर दी।