छुट्टा पशुओं से किसानों की चिंता बढ़ी
- चौराहे और सड़कों पर खड़े रहने से लगता है जाम
- फसलों को नुकसान पहुंचा रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। शहर से लेकर गांव तक छुट्टा पशु किसानों के साथ ही आम लोगों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। छुट्टा पशुओं के चलते जहां शहर में जाम की समस्या पैदा हो रही है, वहीं ग्रामीण क्षेत्र में यह छुट्टा पशु फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
जिले में छुट्टा पशुओं को रखने के लिए 61 पशु आश्रय केंद्र बनवाए गए हैं। साथ ही खलीलाबाद नगर के मड़या में कान्हा आश्रय स्थल बनाया गया। लोगों को उम्मीद थी कि छुट्टा पशुओं को पकड़ कर पशु आश्रय व कान्हा आश्रय स्थल पर पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी, लेकिन स्थिति यह है कि बड़ी संख्या में छुट्टा पशु इधर-उधर घूम रहे हैं। खलीलाबाद कस्बे में सड़कों पर छुट्टा पशुओं के विचरण करने से आए दिन जाम की स्थिति पैदा हो रही है। छुट्टा पशु सड़क पर ही झुंड में बैठ जा रहे हैं, जिससे आने-जाने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यही नहीं इनके आपस में भिड़ने के दौरान भगदड़ मच जा रही है। दूसरी तरफ ग्रामीण क्षेत्रों में झुंड में विचरण कर रहे छुट्टा पशु फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे किसान परेशान हैं। क्षेत्र के रमेशचंद्र, रामफल और पन्नेलाल आदि ने कहा कि छुट्टा पशु फसल बर्बाद कर रहे हैं। झुंड में पशु गेहूं की फसल को चौपट कर रहे हैं। मजबूरी में खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है। किसानों ने मांग की कि छुट्टा पशुओं को पकड़कर पशु आश्रय केंद्रों में पहुंचाया जाए, ताकि समस्या से निजात मिल सके।
छुट्टा पशुओं को पकड़ने के लिए चलेगा अभियान
शहर में विचरण कर रहे छुट्टा पशुओं को पकड़ने के लिए समय-समय पर अभियान चलाया जा रहा है। जल्द ही वृहद अभियान चलाकर छुट्टा पशुओं को पकड़कर कान्हा आश्रय स्थल पहुंचाया जाएगा।
- सुुरेश मौर्य, ईओ नगर पालिका