सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मलौली में बंद पड़ा बंद पड़ा एक्सरे कक्ष।
धनघटा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मलौली में बुनियादी सुविधाओं के लिए भी लोगों को जूझना पड़ रहा है। 20 वर्षों के बाद भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है। एक वर्ष से एक्सरे मशीन भी खराब पड़ी है।
अल्ट्रासाउंड और एक्सरे की सुविधा के लिए मरीजों को 30 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल जाना पड़ता है। निजी पैथोलॉजी में अधिक पैसे लगने लोग कतराते हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैंसर बाजार को उच्चीकृत करके शासन ने वर्ष 2004 में इसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिया था। यह मलौली में संचालित हो रहा है।
स्वास्थ्य विभाग सीएचसी पर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा करता है। जबकि सच्चाई यह है कि सीएचसी में लोगों को एक वर्ष से एक्सरे की सुविधा भी नहीं मिल पा रही है। जबकि अल्ट्रासाउंड की सुविधा के लिए लोग 20 वर्षों से इंतजार कर रहे हैं। अल्ट्रासाउंड और एक्सरे मशीन के लिए कई बार शासन को पत्र लिखा गया लेकिन शासन की ओर से किसी तरह की राहत नहीं मिली है।
एक वर्ष पहले यहां पर एक्सरे होता था। पुराने तकनीक पर आधारित मशीन खराब हो गई तो लोगों को यह सुविधा मिलनी बंद हो गई। उसके स्थान पर नई तकनीक की एक्सरे मशीन लगाए जाने के लिए शासन को पत्र भेजा गया लेकिन एक्सरे मशीन आज तक नहीं लग पाई। एक्सरे और अल्ट्रासाउंड कराने के लिए धनघटा क्षेत्र में जगह-जगह संचालित पैथोलॉजी पर जाने के लिए लोग मजबूर हैं। मंगलवार को अस्पताल आए राम शब्द, मुनीराम व मोहित ने बताया कि पेट में दर्द है।
डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड कराने के लिए लिखा है। निजी पैथोलॉजी पर अल्ट्रासाउंड कराना मजबूरी है। नाराज मरीजों का कहना है कि कहने के लिए यह सरकारी अस्पताल है एक रुपये की पर्ची पर पर सारी सुविधाएं देने का दावा किया जाता है लेकिन बगैर पैसे की कुछ भी होने वाला नहीं है।