संतकबीरनगर। विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में वृहस्पतिवार को विद्युत कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान बिजलीकर्मियों ने निजीकरण का फैसला वापस लिए जाने की मांग किया।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि निजीकरण का फैसला किसी के हित में नहीं है। इससे जहां विद्युत उपभोक्ताओं पर बोझ बढेगा वहीं कर्मचारियों की छंटनी हो सकती है। ऐसे में यह फैसला किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। विद्युत कर्मियों ने कहा कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के पीछे भारी भ्रष्टाचार हो रहा है और आश्चर्य की बात यह है कि भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की शासन नीति को धता बताते हुए किया जा रहा है।
इस दौरान इंजीनियर मुकेश गुप्ता, धीरेंद्र यादव, सुनील प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसिया, संजय यादव, आशीष कुमार, दिलीप सिंह, राघवेंद्र, रामअचल यादव, पुष्पेंद्र भारती, भाष्कर पांडेय, दिनेश चंद्र, विवेक पासवान, मनोज कुमार, विजय कुमार आदि उपस्थित रहे।