संतकबीरनगर। जिले के औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के लिए 200 एकड़ जमीन लेने की कवायद शुरू हो गई है। इससे नए उद्यम लगाने में जमीन का संकट दूर होने की उम्मीद है। इसके लिए यूपीसीडा के अधिकारियों ने भूमि के चिह्नीकरण का कार्य शुरू कर दिया है। उम्मीद की जा रही है आने वाले समय में न सिर्फ औद्योगिक क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी, बल्कि औद्योगिक विकास की गति तेज हो सकेगी।
मालूम हो कि खलीलाबाद में करीब 231 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना की गई। इसमें 363 भूखंड सृजित करते हुए 287 इकाइयों को भूखंड आवंटित किए गए। इनमें से वर्तमान में मात्र 107 इकाइयां ही संचालित हैं, जबकि 78 इकाइयां बंद हो चुकी हैं। 37 ऐसे आवंटी हैं जिन्होंने आवंटित भूखंड में आवास बना लिया है। साथ ही मूल प्रोजेक्ट से अलग प्रोजेक्ट पर कार्य करने वाले इकाइयों की संख्या 14 है।
12 आवंटी गोदाम और किराए के रूप में भूखंड का इस्तेमाल कर रहे हैं। इधर शासन ने औद्योगिक क्षेत्र में कॉमन फैसिलिटी सेंटर बनाने सहित अन्य कार्य कराए जाने की मंजूरी प्रदान की है। साथ ही फ्लैटेड फैक्टरी बनाने की भी योजना है लेकिन अब नई इकाइयां स्थापित करने के लिए भूमि का संकट बना हुआ है। इसको लेकर उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ने पहल की है।
जून में यूपीसीडा की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी दीक्षा जैन ने औद्योगिक क्षेत्र का भ्रमण करते हुए औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार की बात कही थी। वर्तमान में औद्योगिक क्षेत्र में नई इकाइयां स्थापित करने के लिए करीब 200 एकड़ जमीन की आवश्यकता बताई गई है।
इस दिशा में पहल हुई और यूपीसीडा औद्योगिक क्षेत्र खलीलाबाद और मगहर में 200 एकड़ जमीन के चिह्नीकरण का कार्य शुरू करा दिया है। उम्मीद है कि जल्द ही भूमि चिह्नीकरण का कार्य पूरा हो जाएगा। इसके बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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औद्योगिक क्षेत्र में नए उद्यम लगाने के लिए जमीन की कमी है। इसके लिए पहल की गई है। औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार होने से उद्यमियों को लाभ मिलेगा। इन्वेस्टर्स समिट में भी नए प्रस्ताव आ रहे हैं। जल्द ही भूमि चिह्नीकरण का कार्य हो जाएगा।
-अरविंद पाठक, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रियल एसोसिएशन
औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के लिए पहल की गई है, ताकि नए उद्यम लगाने के लिए उद्यमियों को परेशान न होना पड़े। जमीन चिह्नीकरण के लिए कार्य चल रहा है।
-विनोद कुमार वर्मा, उपायुक्त उद्योग