आग लगने की सूचना पर पुलिस प्रशासन के अधिकारी दौड़ते रहे। आग लगने के बाद ग्रामीण घरों को छोड़कर गांव के बाहर आ गए। फायर ब्रिगेड के वाहन भी मौके पर पहुंचे। लेकिन आग को काबू पाने में अक्षम दिखाई दिए। जगह-जगह आग के कारण अफरा तफरी का माहौल रहा। एसडीएम अरुण कुमार, थानाध्यक्ष रामकृष्ण मिश्र, तहसीलदार आनंद कुमार ओझा आग पर काबू पाने का प्रयास करते रहे। सैकड़ों ग्रामीण भी मौके पर जुटे रहे।
समोगर में कैलाश प्रजापति, दीनानाथ, रघुनाथ, दीपक समेत करीब 12 लोगों का रिहायशी आवास जलकर राख हो गया वहीं नाचनी गांव में छह लोगों का आवास जलकर राख हो गया। दीनानाथ ने बताया कि आग से उनका सब कुछ तबाह हो गया।
कैलाश का कहना था कि अनाज पूरी तरह से जल गया है। इसी तरह से दुधारा थाना क्षेत्र के डड़वामाली गांव में आग से पांच छप्पर व दानोकुइयां चौराहे पर एक दुकान जलाकर राख हो गई। छप्पर में चारपाई, बर्तन, अनाज जले, जबकि किराना दुकान में पचास हजार नगदी समेत दैनिक जरूरतों के सभी सामान जलकर राख हो गए। लगभग 12 लाख का नुकसान बताया जा रहा है।
वहीं महुली क्षेत्र के घोरहट कुशहवा के धायपोखर गांव के मोड़ निकट शुक्रवार को अज्ञात कारणों एक टीनशेड मकान में रखे सामान में आग लग गई। जिसके चलते बांधी गई दो भैस गंभीर रूप से घायल हो गई। कुछ देर बाद एक भैंस की मौत हो गई। खाद्यान्न, कपड़ा, बर्तन, बिस्तर जलकर नष्ट हो गया। ग्रामीणों के प्रयास के बाद आग को बुझाया जा सका। हल्का लेखपाल पहुंचकर अग्निकांड का मूल्यांकन शुरू कर दिया है।