संतकबीरनगर। बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या न हो, इसके लिए पालिका प्रशासन ने शहर में नालों की सफाई शुरू करा दी है, लेकिन नालों की सफाई में कर्मियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कारण यह है कि पालिका के पास नालों की सफाई के लिए मात्र एक पोकलेन मशीन है।
इसके साथ ही नालों पर लोगों ने चबूतरा बना कर कब्जा कर रखा है, जिसकी वजह से सफाई में दिक्कत आ रही है। अगर यह नाले सही से साफ नहीं हुए तो बारिश में शहरवासियों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
खलीलाबाद शहर में छोटे-बड़े कुल 34 नाले हैं। सफाई के लिए पालिका के पास अच्छी खासी संख्या है। इसमें 11 नियमित सफाई कर्मी के साथ ही 62 संविदा सफाई कर्मी और 250 आउट सोर्सिंग के सफाई कर्मी शामिल हैं। इसमें से भी नौ सफाई कर्मियों को ड्राइवर तथा 18 को उनके सहयोगी के रूप में लगाया गया है। पालिका के पास पांच टैंपों, चार ट्रैक्टर, एक डंपर और एक जेसीबी मशीन भी है। इसके बाद भी शहर में सफाई व्यवस्था में अड़चन बनी हुई हैं। इधर, पालिका प्रशासन ने शहर के नालों की सफाई के लिए अभियान शुरू किया है, लेकिन लोगों ने नालों पर चबूतरा बना लिए जाने के कारण सफाई करने में दिक्कत आ रही है। स्थाई रूप से बने चबूतरों को हटाने में सफाई कर्मियों को पसीने छूट जा रहे हैं। कुछ जगह पर लोग चबूतरा हटाने नहीं देते हैं। ऐसे में सफाई कर्मी जैसे-तैसे नालों को साफ कर रहे हैं। पालिका के पास मौजूद एक मात्र पोकलेन मशीन लगाने के बाद भी नालों की पूर्ण रूप से सफाई नहीं हो पा रही है। ऐसे में बरसात के मौसम में लोगों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ सकता है।