टीम 15 दिन के अंदर देगी जांच रिपोर्ट, उसके बाद आगे की होगी कार्रवाई
अपने पद का इस्तेमाल कर पंचायत सचिव को कर दिया था निलंबित
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले में प्रभारी डीपीआरओ बिना वित्तीय प्रभार के फाइलों को भुगतान के लिए ट्रेजरी भेज रहे थे। उनकी फाइलों का भुगतान भी हो रहा था। इधर, जब मामला खुला तो ट्रेजरी ने भुगतान रोक दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीडीओ ने टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए हैं और 15 दिन में रिपोर्ट मांगी है। प्रभारी डीपीआरओ प्रमोद कुमार यादव की तैनाती 24 मार्च 2023 को हुई। उन्होंने बाकायदा आकर कार्यभार ग्रहण किया। इससे पूर्व डीपीआरओ का चार्ज डीसी एनआरएलएम जीशान रिजवी के पास था और उन्हें वित्तीय अधिकार भी मिला था।
प्रभारी डीपीआरओ ने चार्ज लेने के दौरान वित्तीय चार्ज नहीं लिया। उसके बाद से कर्मचारी के वेतन से लगायत ग्राम पंचायतों के अन्य कार्यों का भुगतान करने लगे और उसकी फाइल बाकायदा ट्रेजरी में भी भेज रहे थे। इसके बाद मामले की जानकारी जब ट्रेजरी को हुई तो 15 नवंबर को उनकी फाइलों का भुगतान रोक दिया।
इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए सीडीओ ने पूरे प्रकरण की जांच बैठा दी है।
सेक्रेटरी को कर दिया था निलंबित, कोर्ट ने किया बहाल
प्रभारी डीपीआरओ ने गबन के आरोप में हैंसर ब्लॉक में तैनात पंचायत सचिव कर्णजीत को 16 अक्तूबर को निलंबित कर दिया था। उसके बाद पंचायत सचिव कोर्ट चले गए। कोर्ट ने कहा था कि नियुक्ति प्राधिकारी डीपीआरओ ही निलंबित कर सकते हैं। प्रभारी डीपीआरओ को निलंबन करने का कोई अधिकार नहीं है। इसके बाद कोर्ट ने सचिव को बहाल कर दिया था।
जिले में प्रभारी डीपीआरओ की तैनाती हुई है। वह बिना वित्तीय चार्ज लिए कैसे भुगतान करा रहे थे। वैसे उनके भुगतान पर रोक लग गई है। पूरे प्रकरण की जांच के लिए टीम का गठन किया जा रहा है। टीम 15 दिन के अंदर रिपोर्ट देगी। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- संत कुमार, सीडीओ
उनकी फाइलों के भुगतान को रोकना गलत है। उनकी तैनाती शासन स्तर से की गई है। इसलिए उनके पास सभी अधिकार हैं। जांच में सब कुछ साफ हो जाएगा।
-प्रमोद कुमार यादव, प्रभारी डीपीआरओ