संतकबीरनगर। गर्मी के कारण डायरिया व हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में कुल 1150 मरीज पहुंचे। इनमें से करीब 150 मरीज डायरिया से पीड़ित मिले। चिकित्सक ने मरीजों को डायरिया व हीट स्ट्रोक के लक्षणों की अनदेखी न करने की सलाह दी। साथ ही इलाज के साथ ही बचाव के उपाय बताए।
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. रमाशंकर ने बताया कि गर्मी के मौसम में हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए विशेष सतर्कता बरतनी होगी। खाली पेट बाहर न निकलें और खूब पानी पिएं।
हल्के और ढीले कपड़े पहनें, साथ ही सिर ढककर रखें। लू से बचने के लिए पानी जरूरी है। सिर पर टोपी, गमछा या छाता का उपयोग करें। धूप से आंखों को बचाने के लिए धूप का चश्मा पहनें। कोशिश करें कि सुबह 11 बजे से शाम चार बजे के बीच धूप में कम से कम समय बिताएं।
धूप में ज्यादा देर तक रहने से शरीर को ऊर्जा की जरूरत होती है, इसलिए हल्का भोजन करें। धूप में घर से बाहर निकलने से पहले अपनी सेहत का ध्यान रखना जरूरी है। लक्षण सामने आने पर मरीज अस्पताल में पहुंचकर डॉक्टरों को दिखाकर इलाज करा सकते हैं। अस्पताल में दवाएं उपलब्ध हैं। डॉक्टर ने बताया कि डायरिया की स्थिति में त्वरित इलाज के लिए ओआरएस का प्रयोग करें। हीट स्ट्रोक के शिकार मरीज के लिए कोल्ड रूम भी तैयार किया गया है। जहां त्वरित इलाज किया जाएगा।