महुली। नाथनगर ब्लॉक क्षेत्र में सेंदुरिया माइनर का चिह्नांकन रोकने के बाद शुक्रवार को सैकड़ों किसान कलक्ट्रेट पहुंचे। जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप कर विभाग द्वारा बिना मुआवजा दिए भूमि अधिग्रहित करने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की। डीएम ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए एडीएम वित्त/राजस्व को जांच सौंपकर नहर निर्माण कार्य रोकने का निर्देश दिया।
नाथनगर ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम जसरौली भैसही, लोइयाभार और सेंदुरिया के सैकड़ों किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे। ग्राम प्रधान राजनाथ यादव और लोइयाभार के प्रधान प्रतिनिधि राजीव यादव के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे किसानों ने डीएम को एक ज्ञापन सौंपा। किसानों का आरोप है कि सरयू नहर खंड दो के अधिकारियों ने किसानों को बिना मुआवजा दिए सेंदुरिया माइनर के लिए उनकी कृषि योग्य भूमि का चिह्नांकन शुरू करने का बृहस्पपतिवार को प्रयास किया है।
किसानों का कहना है कि इस माइनर के निर्माण में ग्राम जसरौली भैसही, लोइयाभार और सेंदुरिया के सैकड़ों किसानों के 67 गाटों को प्रभावित करेगी। तीनों गांवों के किसानों ने न तो अपनी जमीन विभाग को रजिस्ट्री किया है और न ही उन्हें मुआवजा ही दिया गया। किसानों ने जिलाधिकारी से उनकी प्रभावित भूमि का उचित मुआवजा दिलाए जाने की मांग किया।
डीएम आलोक कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए समूचे प्रकरण की जांच एडीएम वित्त/ राजस्व जय प्रकाश को सौंप कर जांच अवधि के दौरान नहर निर्माण के कार्य को रोकने का निर्देश दिया। डीएम ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि किसानों के साथ किसी भी तरह का अन्याय नहीं होने देंगे। बाद में किसानों ने एडीएम जय प्रकाश से मुलाकात करके अपना पक्ष रखा। इस दौरान ग्राम प्रधान राजनाथ यादव, प्रधान प्रतिनिधि राजीव, पूर्व छात्र संघ पदाधिकारी अखिलेश यादव, सुरेंद्र यादव सहित तमाम किसान मौजूद रहे।