फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sant Kabir Nagar News: रिश्तेदारों, परिचितों को भी धनंजय ने बनाया ठगी का शिकार

विज्ञापन
विज्ञापन
- नौकरी और निवेश के नाम पर लाखों की ठगी की, पीड़ितों को अब जगी रकम वापसी की आस
विज्ञापन

- गिरफ्तारी की खबर सुनकर देवरिया-कुशीनगर के पीड़ितों ने महुली पुलिस से लगाई गुहार दिवाकर शुक्ल
संतकबीरनगर। नौकरी दिलाने और फर्म में निवेश के नाम पर मोटे मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले शातिर धनंजय की गिरफ्तारी के बाद नौ साल से न्याय की आस लगाए बैठे पीड़ितों में उम्मीद जगी है। गिरफ्तारी की जानकारी मिलते ही देवरिया और कुशीनगर के चार पीड़ित संतकबीरनगर पहुंचे और पुलिस को शिकायती पत्र देकर अपनी रकम वापस दिलाने तथा प्राथमिकी में उन्हें भी शामिल करने की मांग की।
पीड़ितों का आरोप है कि वर्ष 2015 में धनंजय ने सरकारी नौकरी, निजी कंपनी में नियुक्ति और फर्म में निवेश पर कई गुना लाभ का सपना दिखाकर उनसे लाखों रुपये ऐंठ लिए थे। रुपये लेने के बाद न तो नौकरी दिलाई और न ही निवेश की रकम वापस की गई। वर्षों तक आरोपी फरार रहा, जिससे पीड़ित न्याय के लिए भटकते रहे।
विज्ञापन

देवरिया के तरकुलवा थाना क्षेत्र के कनकपुर गांव निवासी दिनेश सिंह ने महुली पुलिस को बताया कि उनकी बहन की शादी कुशीनगर के धनंजय के परिवार में हुई थी। इसी रिश्ते का फायदा उठाकर धनंजय ने नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया और 2.50 लाख रुपये ले लिए।
रकम लेने के बाद आरोपी गायब हो गया। उनकी बहन लगातार मानसिक तनाव में रही और नवंबर 2025 में हार्ट अटैक से उसकी मौत भी हो गई। वहीं कनकपुर गांव के पुनीत कुमार सिंह ने बताया कि धनंजय ने नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे 2.30 लाख रुपये लिए थे। रुपये वापस मांगने पर आरोपी ने दो चेक दिए, लेकिन बैंक में लगाने पर वह बाउंस हो गए। इसके बाद आरोपी और उसका परिवार घर छोड़कर फरार हो गया।

आनंद को भी जगी उम्मीद
कुशीनगर जिले के कुबेरस्थान क्षेत्र निवासी आनंद कुमार से वर्ष 2015 में धनंजय ने नौकरी दिलाने के नाम पर तीन लाख रुपये खाते में और एक लाख रुपये नकद लिए थे। कुल चार लाख रुपये लेने के बाद आरोपी फरार हो गया। उनका कहना है कि नौ साल बाद गिरफ्तारी की खबर मिलने से उन्हें अपनी रकम वापस मिलने की उम्मीद जगी है।
-
चार लाख लेकर 50 हजार किए वापस, बाकी हड़प लिए
कुशीनगर जिले के सखवनिया बुजुर्ग गांव के सुमंत प्रसाद से धनंजय ने नौकरी का झांसा देकर उनसे तीन लाख रुपये बैंक खाते में और एक लाख रुपये नकद लिए थे। कुछ समय बाद 50 हजार रुपये वापस कर भरोसा कायम रखा, लेकिन शेष रकम न लौटाई और बाद में संपर्क भी तोड़ दिया। सुमंत ने कहा कि नौ साल से अपनी मेहनत की कमाई वापस पाने के लिए भटक रहे हैं। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पहली बार लग रहा है कि शायद हमारी रकम वापस मिल सके।
विज्ञापन


संपत्ति कुर्क होने पर रकम वापसी की जगी आस
गिरफ्तारी के बाद सामने आए पीड़ितों ने पुलिस प्रशासन से आरोपी की चल-अचल संपत्तियों का पता लगाकर उन्हें कुर्क करने और पीड़ितों की रकम वापस दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि वर्षों की प्रतीक्षा के बाद अब उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद दिखाई दे रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें