एकादशी के पर्व को लेकर खलीलाबाद के बैंक चौराहे पर सिंघाड़ा और गन्ना खरीदते हुए लोग । संवाद
संतकबीरनगर। जिले में देवोत्थान एकादशी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान दिन भर बाजारों में लोगों की भीड़ लगी रही और वह गंजी, सुथनी, सिंघाड़ा, गन्ना और मूंगफली की खरीदारी करते हुए नजर आए। इस दौरान लोगों ने बंदनवार से अपने घरों को सजाया तथा दरिद्रता की समाप्ति के लिए एकादशी का व्रत रखा। व्रत के दौरान लोगों ने कंद मूल का ही सेवन किया।
देवोत्थान एकादशी पर्व पर लोगों ने दिन भर व्रत में खाने वाले सामानों की खरीदारी की। सिंघाड़ा जहां 50 रुपए किलो मिला वहीं गंजी 40 से 60 रुपये किलो रही। सुथनी 80 से 100 रुपये किलो तक बिकी। कच्ची मूंगफली 100 रुपये किलो थी तो गन्ना 40 रुपये से लेकर 60 रुपये जोड़ी का रहा। दिन भर लोगों ने एकादशी का व्रत रखा तथा अपने घरों को बंदनवार से सजाया। चावल के आटे को पानी में घोलकर उससे रंगोली बनाई और घर में गन्ने को पंक्तिबद्ध खड़ा करके उसके नीचे दीपक जलाया।
घर के दरवाजे पर भी दीपक जलाया गया। इसके बाद लोगों ने कंद मूल के साथ गन्ना खाया। वहीं महिलाओं ने रात्रि में जाकर सूप और पंखा आदि को गन्ने से ठोंककर घर से दरिद्रता को भगाया। माना जाता है कि ऐसा करने से दरिद्रता भागती है।