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अनियमितता की जांच सेमरियावां ब्लॉक में शुरू

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अनियमितता की जांच सेमरियावां ब्लॉक में शुरू
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पंचायत चुनाव के दौरान हुए विकास कार्यों की डीएम के निर्देश पर हो रही जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
दुधारा। पंचायत चुनाव के दौरान ग्राम पंचायतों में राज्य वित्त एवं 15वें वित्त से कराए गए कार्यों की जांच सेमरियावां ब्लॉक में शुरू हो गई है।
डीएम के निर्देशों का अनुपालन करते हुए अधिशासी अभियंता नलकूप खंड लालचंद ने सोमवार को ब्लॉक कार्यालय पर पहुंचकर अभिलेखों का निरीक्षण किया। वैसे पंचायत सचिवों और एडीओ पंचायत के मौजूद न रहने की वजह से कार्यों का स्थलीय निरीक्षण नहीं कर पाए। पंचायत सचिव शिव मूरत मौर्या ने संबंधित अभिलेखों की 68 फाइलें जांच अधिकारी के सामने प्रस्तुत किया। जिसका उन्होंने गहनता से निरीक्षण किया।
बता दें कि ग्राम प्रधानों के वित्तीय अधिकार समाप्ति के बाद 31 दिसंबर 2020 को डीएम ने एक आदेश जारी कर जिले के सभी विकास खंडों में अति आवश्यक विकास कार्यों के संचालन के लिए प्रशासक नामित किया था। मेंहदावल विकास खंड में सहायक विकास अधिकारी आईएसबी और बाकी सभी विकास खंडों में तैनात सहायक विकास अधिकारी पंचायत को संबंधित विकास खंड की सभी ग्राम पंचायतों में प्रधान एवं समितियों की समस्त शक्तियों कृतियों और कर्तव्यों के लिए प्रशासक बनाए गए थे। सभी को ये निर्देश दिए गए थे कि ग्राम पंचायतों में कराए जाने वाले प्रत्येक कार्यों पर व्यय होने वाली धनराशि के भुगतान के पूर्व कार्यों की पत्रावली एस्टीमेट, एमबी आदि का सुसंगत वित्तीय नियमों के अंतर्गत संबंधित खंड विकास अधिकारी, संबंधित सहायक विकास अधिकारी पंचायत एवं प्रशासक, संबंधित अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण/लघु सिंचाई द्वारा परीक्षण किए जाने के उपरांत ही होने वाले उक्त धनराशि के भुगतान की कार्रवाई नामित प्रशासन द्वारा की जाएगी। आदेश में स्पष्ट किया गया था कि ग्राम पंचायतों में शासन के निर्देशानुसार पंचायत भवन एवं सामुदायिक शौचालयों का निर्माण/मरम्मत कार्य प्रथम वरीयता पर कराया जाएगा। साथ ही ग्राम पंचायत में ऑपरेशन कायाकल्प, हैंडपंपों के रिबोर/मरम्मत कार्य, गो आश्रय स्थल से संबंधित कार्य एवं आगामी पंचायत निर्वाचन के लिए जारी होने वाले निर्देशों के अनुसार आवश्यक कार्यों को कराया जाएगा। डीएम ने नौ जुलाई को एक पत्र जारी कर निर्देश दिए थे कि तमाम शिकायतों के माध्यम से संज्ञान में लाया गया है कि ग्राम पंचायत सचिव एवं सहायक विकास अधिकारी पंचायत द्वारा प्रशासक के रूप में कार्य करने की अवधि में विकास खंडों में प्रदत्त निर्देशों के क्रम में कार्य नहीं कराया गया है। ऐसे में प्रकरण की जांच कराया जाना नितांत आवश्यक है।
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सेमरियावां ब्लॉक की 20 ग्राम पंचायतों में 56 प्रोजेक्ट की होगी जांच
प्रशासक काल में सभी प्रोजेक्ट पर एक करोड़ 52 लाख हुए हैं। बढ़या माफी में एक, चमरसन में एक, चिउटना में एक, देवरिया लाल में दो, धर्मपुरा में एक, दुधारा में दो, कड़जा में चार, केकरहो में दो, कोहरियावां में दो, कुसमैनी में एक, सिसवा दाखिली में एक, उमिला में पांच, बस्ती बस्ता में छह, बुढ़ाननगर में चार, करही में 14, मूड़ाडीहा बेग में एक, सालेपुर में एक, सोनौरा गौसी में दो, और तेनुहारी अव्वल में दो प्रोजेक्ट पर पंचायत चुनाव की आचार संहिता के दौरान प्रशासन द्वारा कराए गए कार्यों की जांच होगी। सभी प्रोजेक्ट पर एक करोड़ 51 लाख 98 हजार 678 रुपये खर्च किए गए हैं।
इन पंचायत सचिवों के गांव में हुए हैं कार्य
शिव मूरत मौर्य, असदुल्लाह, अश्वनी सिंह, आनंद कुमार, योगेंद्र कुमार गौड़, शिवेंद्र कुमार और विमला यादव।
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