मेंहदावल। क्षेत्र में स्थित एक दर्जन से अधिक गांव में बेसहारा पशुओं की समस्या से किसान परेशान हैं। बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए अभियान नहीं चल रहा है। जिससे गेहूं की फसल बर्बाद हो रही है। लोगों का कहना है कि गोशाला मौजूद होने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी अभियान नहीं चला रहे हैं। जिससे किसानों की गाढ़ी कमाई डूब रही है।
मेंहदावल के कछार क्षेत्र में स्थित सांडे खुर्द, भरथूआ, बढ़या, कुसौना कला बेलौली नगपुर, नहुनी गुरची सहित अन्य गांव में सैकड़ों की संख्या में बेसहारा पशु मौजूद हैं। सुबह से लेकर देर रात तक गेहूं की फसल को बर्बाद करने में बेसहारा पशु जुट जाते हैं। बड़ी संख्या में किसान ठंड के समय में भी रात्रि जागरण कर रहे हैं। लाठी डंडा लेकर खेतों की रखवाली करना उनके लिए चुनौती है। बेसहारा पशुओं की समस्या से निजात दिलाने के लिए जगह-जगह गोशाला का निर्माण कराया गया है, लेकिन मेंहदावल ग्रामीण क्षेत्रों में यह अभियान नहीं चल रहा है। जिसकी वजह से बेसहारा पशुओं की समस्या दूर नहीं हो रही है।
लोगों का कहना है कि बेसहारा पशुओं के कारण आधी फसल बर्बाद हो जा रही है। लेकिन इनको पकड़ने का अभियान नहीं चलाया जा रहा है। लोगों ने जल्द से जल्द अभियान चलाकर बेसहारा पशुओं को पकड़ने की मांग की है। मेंहदावल के खंड विकास अधिकारी राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि बेसहारा पशुओं को अभियान चलाकर समय-समय पर पकड़ा जाता है। जल्द अभियान चलाकर पशुओं को पड़कर गोशाला भेजा जाएगा।