संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। क्षेत्र के ग्राम चकिया में वर्षो पूर्व चारागाह, मंदिर व पंचायत भवन की 20 बीघा जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में तहसीलदार धनघटा द्वारा जारी बेदखली आदेश सिर्फ कागजों तक सिमट कर रह गया है।
सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले 32 लोगों के विरुद्ध नोटिस जारी किया गया है, लेकिन तहसील प्रशासन की तरफ से कब्जा हटाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।
जानकारी के अनुसार लगभग 15 वर्ष पूर्व चकिया बाजार में चारागाह, मंदिर की भूमि व पंचायत भवन की 20 बीघे जमीन पर लोगों ने अवैध कब्जा कर उस पर स्थायी निर्माण कर लिया है। साधन संपन्न लोगों द्वारा कब्जे में ली गई सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए गांव निवासी दाऊद अहमद ने उच्च न्यायालय में गुहार लगाई। उच्च न्यायालय के निर्देश पर हरकत में आए तहसील प्रशासन ने इसकी जांच शुरू कर दी।
सात जनवरी को तहसील कर्मियों द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट में ग्राम चकिया में चारागाह, शिवमंदिर तथा पंचायत भवन की भूमि पर 32 लोगों ने कब्जा कर लिया। रिपोर्ट के बाद तहसीलदार ने सरकारी जमीनों पर हुए अवैध कब्जे के विरुद्ध बेदखली आदेश जारी किया, लेकिन दो माह बाद भी बेदखली आदेश ठंडे बस्ते में है।