घने कोहरे ने बढ़ाई मुसीबत, वाहनों की रफ्तार थमी
- बादलों की ओट में छिपे रहे सूर्यदेव, दिन में लाइट जलाकर चलने की मजबूरी
-ठंड से कांपते दिखे लोग, गरीबों की दुश्वारियां बढ़ीं
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। ठंड व गलन से जूझ रहे लोगों की अब कोहरे ने भी मुसीबत बढ़ा दी है। मंगलवार की सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिसके कारण वाहनों की रफ्तार थम गई। नेशनल हाईवे सहित अन्य सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। दिनभर सूर्य बादलों की ओट में छिपे रहे और धुंध छाई रही। ऐसे में लोगों को वाहन की हेड लाइट जलाकर चलने को मजबूर होना पड़ा।
पिछले कई दिनों से ठंड व गलन से लोग परेशान हैं। इसके चलते सुबह और शाम को सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। जो लोग रोजमर्रा की जरूरतों के लिए घरों से निकले, वे खुद को गर्म रखने के लिए परेशान रहे। जहां अलाव दिखा, लोग वहीं ठहर गए। इस बीच घने कोहरे ने भी पांव पसारना शुरू कर दिया है। मंगलवार की सुबह घने कोहरे के चलते लोग घरों में कैद रहे। सरकारी दफ्तरों में अन्य दिनों की अपेक्षा उपस्थित काफी कम रही। इक्के-दुक्के फरियादी ही नजर आए। वाहनों की रफ्तार काफी धीमी हो गई है। कारण यह है कि धुंध दिनभर छाई रही। इधर ठंड को देखते हुए प्रशासन ने एक से आठ तक के स्कूल 14 जनवरी तक बंद कर दिए गए हैं। सबसे ज्यादा परेशानी गरीबों व मजदूर तबके के लोगों को उठानी पड़ रही है। मजदूरों को ठंड के इस मौसम में काम नहीं मिल पा रहा है तो गरीब तबके के लोग ठंड से कांपते दिख रहे हैं। हालांकि प्रशासन ने कंबल वितरण के लिए प्रत्येक तहसील को एक- एक हजार कंबल उपलब्ध कराने का दावा किया है, लेकिन अभी तक किसी गरीब को कंबल उपलब्ध नहीं हुआ है। दूसरी तरफ नगर पालिका परिषद ने प्रमुख चौराहों व सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था की है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी लोग सरकारी अलाव का इंतजार कर रहे हैं। मेंहदावल, धनघटा क्षेत्र में घरों से निकले लोग अलाव की तलाश में भटकते नजर आए। क्षेत्र के निवासी दिलीप कुमार, राम हित आदि ने कहा कि ठंड काफी बढ़ गई है, ऐसे में अलाव की व्यवस्था होनी चाहिए। एडीएम मनोज कुमार सिंह ने कहा कि तहसील प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि प्रमुख स्थानों पर अलाव की व्यवस्था कराएं। तहसील प्रशासन की ओर से गरीबों में कंबल वितरण कराया जा रहा है।