संतकबीरनगर। विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में बुधवार को भी बिजली कर्मियों का आंदोलन जारी रहा। इस दौरान विद्युत कर्मियों ने अधिशासी अभियंता कार्यालय पर धरना दिया और निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग की।
धरने को संबोधित करते हुए अधिशासी अभियंता रोजश कुमार ने कहा कि बिजली का निजीकरण करके आम उपभोक्ताओं और किसानों के लिए बिजली की दरों में बेतहाशा वृद्धि की जाने वाली है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि मुंबई में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दरें 17.71 रुपए प्रति यूनिट तक है। कोलकाता में निजी क्षेत्र में बिजली की दरें 10 से 12 रुपए प्रति यूनिट तक है जबकि उत्तर प्रदेश में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए अधिकतम दरें 6.50 रुपये प्रति यूनिट है। संयोजक इंजीनियर मुकेश गुप्ता ने कहा कि लखनऊ में 9 अप्रैल को अब तक की बिजली कर्मियों की सबसे बड़ी रैली होनी जा रही है।
इस अवसर पर मनोज कुमार, लक्ष्मण मिश्र, धीरेंद्र यादव, सुनील प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसिया, हिफजुर्रहमान अंसारी, संजय यादव, आशीष कुमार, दिलीप सिंह, राघवेंद्र, राजकुमार, लालचंद आदि मौजूद रहे।