संतकबीरनगर। बिजली निगमों के निजीकरण के विरोध में शुक्रवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान बिजली कर्मियों ने निजीकरण की प्रक्रिया तत्काल निरस्त करने की मांग की। साथ ही कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब बिजली को सार्वजनिक क्षेत्र में बनाए रखा जाएगा।
विद्युत संघर्ष समिति के पदाधिकारी इंजीनियर अमित सिंह ने कहा कि झूठे आंकड़ों के आधार पर बिजली के निजीकरण की साजिश की जा रही है। इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिजली सार्वजनिक क्षेत्र में रहेगी तभी बनेगा विकसित भारत 2047 का लक्ष्य पूरा हो पाएगा। संघर्ष समिति के पदाधिकारी प्रिंस गुप्ता ने निजीकरण से बिजली महंगी हो जाएगी। यह बिजली कर्मियों, किसानों और उपभोक्ताओं के हित में नहीं है। ऐसे में निजीकरण की प्रक्रिया तत्काल निरस्त किया जाए।
धरना में इंजीनियर मुकेश गुप्ता, आर्यन कुमार, सुनील प्रजापति, संजय यादव, नारायण चंद्र चौरसिया, धीरेंद्र यादव, मनोज यादव, रमेश प्रजापति, अशोक कुमार, आशीष कुमार, भास्कर पांडेय, श्रवण प्रजापति, योगेंद्र चौहान आदि मौजूद रहे।