तुलसियापुर। बढ़नी ब्लॉक के मनिकौरा में सवा छह करोड़ रुपये की लागत से बन रहे आईटीआई काॅलेज के निर्माण में देरी से क्षेत्रवासियों में रोष व्याप्त है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि अगर कॉलेज का निर्माण पूरा हो गया होता तो क्षेत्र के बच्चों को पढ़ाई में सहूलियत मिलती। छोटा-छोटा काम अटका रह जाने से भवन अबतक हैंडओवर नहीं हो पाया है, जिससे विद्यार्थियों को हुनरमंद बनने के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा।
बढ़नी ब्लॉक शैक्षिक क्षेत्र में पिछड़ा हुआ है। इसी को ध्यान में रखते हुए 2016 में तत्कालीन शोहरतगढ़ के विधायक लालमुन्नी सिंह ने प्रयास से मनिकौरा में 627 लाख रुपये की लागत से आईटीआई काॅलेज की स्वीकृति शासन से मिली। इसकी खबर सुनकर क्षेत्रवासियों में प्रसन्नता की एक लहर दौड़ गई कि अब उनके बच्चों को आईटीआई के लिए गोरखपुर व अन्य शहरों में नहीं जाना होगा।
कार्यदायी संस्था सीएनडीएस की ओर से निर्माण कार्य करवाया जा रहा था। लेकिन, कार्य में लापरवाही के कारण शासन ने अधूरे काम को पूरा करने की जिम्मेदारी उप्र राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड को सौंप दी। मौजूदा समय में शिक्षकों के लिए आवास और वर्कशाप का काम हो रहा है। इसके अलावा पानी की टंकी भी बनाई जा रही है।
ठेकेदार ने बताया कि मिट्टी पटाई का भुगतान नहीं हुआ है। इसके अलावा वहां काम कर रहे मजदूरों ने बताया कि सबसे बड़ी समस्या वहां जाने के लिए रास्ता नहीं है। बरसात में तो पैदल के अलावा किसी भी प्रकार से नहीं जाया जा सकता है।
इस बाबत शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा ने गत दिसंबर 2024 में व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल से मिलकर कॉलेज को लेकर चर्चा की थी। अधिकारियों के मुताबिक आईटीआई काॅलेज का निर्माण पूरा हो चुका है। आखिरी काम चल रहा है। शीघ्र ही काॅलेज हैंडओवर हो जाएगा और शिक्षण कार्य भी शुरू हो जाएगा। क्षेत्र के रामनरेश, उत्तम कुमार, मुकेश सिंह आदि ने कहा कि नौ साल का समय गुजर गया अभी तक काम ही हो रहा है। अगर अस्तित्व में आ जाता तो क्षेत्र के बच्चों को लाभ मिलता।
इस संबंध में उप्र राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड के जेई ओमप्रकाश यादव ने बताया कि काॅलेज का कार्य पूरा हो चुका है। शीघ्र ही काॅलेज का हैंडओवर हो जाएगा और उसके बाद शिक्षण कार्य शुरू हो जाएगा।