इकलौते बेटे अरमान की मौत से खत्म हो गया जिंदगी का अरमान
- भूख की वजह से खाने को मांग रहा था बेटा, इधर कंटेनर ने सुला दिया मौत की नींद
- पोस्टमार्टम हाउस पर बिलख रहे थे दंपती, दशा देख कर वहां मौजूद लोगों की आंखों से छलके आंसू
- ससुर के बुलाने पर खरबूज की खेती करने बिहार परिवार संग जा रहे थे जाहिद
शोभित कुमार पांडेय
संतकबीरनगर। जिंदगी में पहली बार बिहार जा रहे थे और हादसे में इकलौते बेटे अरमान के शरीर के टुकड़े-टुकडे़े हो गए। काश पहले पता होता तो शायद कभी बिहार जाने की सोचता तक नहीं। बेटे अरमान की मौत से जिंदगी का अरमान ही खत्म हो गया। यह दर्द पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे पीड़ित पिता का था। वहीं मां अरमान, अरमान की रट लगाए फफक रही थी। उसके मुंह से सिर्फ एक ही लब्ज निकल रहा था, बेटा भूखा भी था और उसे कुछ खिलाने की दिलासा दे रही थी। इधर मौत बन कर उसके बेटे के ऊपर से गुजरा कंटेनर उसके अरमान को निगल गया। मौके पर मौजूद भीड़ में शामिल लोगों की आंखों से पीड़ित दंपती की दशा देखकर आंसू छलक पड़े।
दिल्ली के तीमारपुर थाना क्षेत्र के जगतपुर गांव के रहने वाले पीड़ित पिता जाहिद अली ने रोते हुए बताए कि ससुराल बागपत में है। ससुर की बिहार में खेती है। वे बिहार में खरबूज की खेती करने के लिए बुलाए थे। उसी वजह से वह अपनी पत्नी शहजादी, इकलौते छह वर्षीय बेटे अरमान, डेढ़ वर्षीय बेटी अरमाना और पत्नी की बूढी नानी अख्तरी को साथ लेकर बस से दिल्ली से बिहार जा रहे थे। वह जिंदगी में पहली बार बिहार जा रहे थे, लेकिन रास्ते में कांटे पुलिस चौकी के पास हुए हादसे में उसके इकलौते बेटे अरमान की मौत हो गई। उसकी आंख के सामने ही बेटे के तीन टुकड़े हो गए और वह लाचार होकर सिर्फ देखता रह गया। यदि उसे पहले पता होता कि बिहार जाने से उसका इकलौते बेटा छीन जाएगा तो शायद वह बिहार जाने की कभी सोचता तक नहीं। उसके मोबाइल पर जैसे ही कोई घंटी बजती थी, वैसे ही सिर्फ उसके मुंह से यही निकलता था कि अब घर का चिराग अरमान नही रहा। इधर पीड़ित मां शहजादी बिलख रही थी। शहजादी रोते हुए कह रही थी कि बेटा अरमान भूख लगने की बात बता रहा था। उसे रास्ते में गाडी रुकने पर कुछ खिलाने का दिलासा दे रही थी। इधर मासूम बेटी गोद में ही शौच कर दी थी। उसी के लिए पानी लेने पति जाहिद सड़क की दूसरी पटरी पर गए थे और इधर पीछे से बेटा अरमान गया और हमेशा-हमेशा के लिए कंटेनर ने बेटे को छीन लिया। पीड़ित दंपती की दशा देख कर पोस्टमार्टम हाउस पर भीड़ जुट गई।