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खतरनाक : पनीर में पाम आयल और मसूर की दाल में टर्टाजिन की मिलावट

Tue, 21 Jan 2025 11:50 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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संवाद न्यूज एजेेंसी
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संतकबीरनगर। अगर आप मसूर की दाल और पनीर खा रहे हैं तो सतर्क हो जाए। सामान खरीदते समय उसकी गुणवत्ता की परख कर लें। खाद्य सुरक्षा विभाग की तरफ चलाए जा अभियान में लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूनों में पनीर में पाम आयल और मसूर की दाल में टर्टाजिन रसायन की मिलावट पाई गई है। इसकी बिक्री करने वाले दुकानदारों के खिलाफ न्यायालय में वाद दायर करने की तैयारी शुरू हो गई है।
मालूम हो कि आठ अक्तूबर को खाद्य विभाग की टीम ने हरिहरपुर स्थित एक फर्म पर छापा मारा था। वहां पर रंगीन मसूर की दाल पकड़ी गई थी। टीम ने मौके पर 28 किलो मसूर की दाल को जब्त कर लिया था। दाल का सैंपल लखनऊ प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा था। अब जो अब रिपोर्ट आई है, उसमें मसूर की दाल में मिलावट पाई गई है।
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दाल में सनसेट येलो कलर की मिलावट पाई गई, जिससे दाल चमकदार थी। मंसूर की दाल में टर्टाजिन रसायन मिलाया गया था। जो एक फूड कलर है। विशेषज्ञ के मुताबिक इसे दाल में मिलाना प्रतिबंधित होता है। ऐसी मिलावटी दाल लीवर को डैमेज करता है।
इसके अलावा 29 अक्तूबर को भुजैनी स्थित फैक्टरी से पनीर का नमूना लिया था। करीब दो कुंतल पनीर को नष्ट कराया था। यह भी जांच में अधोमानक पाया गया है। पनीर में मिल्क पाउडर और पाम आयल की मिलावट मिली है। इन दोनों संचालकों के खिलाफ खाद्य आयुक्त को कार्रवाई की अनुमति के लिए पत्र भेजा जा रहा है। वहां से अनुमति मिलने के बाद इन संचालकों पर सीजेएम कोर्ट में वाद दायर होगा।
असली मसूर की दाल की ऐसे करें पहचान : अगर आप मसूर की दाल की पहचान करनी है तो शीशे के गिलास में मसूर की दाल डाले और आधा गिलास पानी भर दें। उसके बाद उसे मिलाएं। अगर असली दाल होगी तो वह रंग नहीं छोड़ेगा। वहीं अगर मिलावट होगी तो लाल रंग छोड़ेगा। इससे पहचान हो जाएगी। अक्सर मिलावट खोर दाल पुरानी हो जाने पर उसमें रंग मिलाकर उसे चमका देते हैं,
पेट और लिवर के लिए खतरनाक है मिलावटी पनीर और दाल : जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. रमाशंकर ने बताया कि दूध, दही, घी और दाल आदि कई खाद्य सामग्रियों में मिलावट की शिकायत समय-समय पर सामने निकलकर आती रहती है। इससे कई प्रकार की बीमारियां फैलती हैं। सबसे ज्यादा पेट की समस्या होती है। मरीज अक्सर पेट की समस्या लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
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52 नमूनों की रिपोर्ट आनी बाकी : खाद्य विभाग की तरफ से तीन माह में की गई छापेमारी में अभी तक 52 नमूनों की रिपोर्ट नहीं आई है। इनमें पनीर, दूध, खोवा, नमकीन, मसाला समेत अन्य खाद्य सामग्री हैं। विभाग अब प्रयोगशाला को सैंपल रिपोर्ट भेजने के लिए रिमाइंडर भेज रहा है।
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