ईडी ने नारंग की दो करोड़ उनतीस लाख चवालीस हजार से ज्यादा की संपत्ति एवं बैंक धनराशि को जब्त किया है।
हैंसर में आपदा राहत का चेक देने के नाम पर रिश्वत लेते हुए पकड़े गए प्रभारी कानूनगो के कारगुजारियों की जांच करने बुधवार सुबह विजिलेंस टीम धनघटा तहसील में पहुंची। दोपहर तक टीम ने अफसरों से पूछताछ के साथ ही अभिलेखों का अवलोकन किया। इससे तहसील में हड़कंप मचा रहा। इस दौरान अधिकतर लेखपाल तहसील परिसर से गायब रहे।
आपदा राहत के चेक पर हस्ताक्षर कराने के लिए प्रभारी कानूनगो भानूप्रताप सिंह सेमरी गांव निवासी नीतिन पांडेय से जब छह अप्रैल को 5,000 रुपये रिश्वत लेते हुए विजिलेंस टीम ने उन्हें रंगे हाथ दबोचा था। विजिलेंस टीम ने पूछताछ के बाद आरोपी को जेल भेज दिया था। इसी मामले को लेकर टीम के सदस्य बुधवार को तहसील पर पहुंचे।
सूत्रों का कहना है कि टीम के लोग तहसीलदार राजेश गुप्ता के कक्ष में बैठकर आपदा राहत के वह कागजातों को मगांए। जिसमें भानूप्रताप सिंह से संबंधी उल्लेख थे। सूत्र बताते है कि भानूप्रताप सिंह को जो चेक बुक दिए गए थे, उसमें अभी तक उसे वापस भी नही किया है और न ही बाउचर जमा किया है कि जिससे पता चल सके कि उसने किन गांव के किस किस किसान को आपदा राहत का धन दिया है।
टीम ने यह भी जानकारी किया कि आपदा राहत के संबंध में आए शिकायती पत्र पर तहसील के उच्च अधिकारियों क्या कार्रवाई की है। इस संबंध में टीम ने तहसीलदार और एसडीएम से भी बातचीत की। विजिलेंस टीम के निरीक्षक एके सिंह ने बताया कि भानूप्रताप सिंह से की गई पूछताछ के बाद उसके द्वारा बताए गए तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही आगे कुछ बताया जा सकेगा।