राज्य महिला आयोग की सदस्य सुमन सिंह ने बुधवार को खलीलाबाद स्थित डाकबंगले पर पीड़ित महिलाओं का दुख-दर्द सुना। इस दौरान 14 नए मामले आए, जिसमें से दो मामलों का निस्तारण किया गया।
जबकि पुराने मामलों में 12 मामलों का निस्तारण किया गया। उन्होंने प्रकरणों से विभागीय अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।
महिला आयोग की सदस्य के समक्ष अधिकतर मामले पुलिस की लापरवाही व राजस्व के आए। सुनवाई के दौरान छितही निवासी खजाना वर्मा ने शिकायत किया कि मेरी बेटी का अपहरण कर लिया गया। पुलिस ने काफी दबाव के बाद मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन लड़की की कोई जानकारी नहीं कर पाई।
उन्होंने महुली पुलिस को एक सप्ताह के भीतर लड़की को बरामद करने और आयोग का सूचित करने का निर्देश दिया। दुधारा क्षेत्र के एक गांव की महिला के साथ रेप के मामले की सुनवाई करते हुए राज्य महिला आयोग की सदस्य ने महिला थानाध्यक्ष को पुन: जांच करते हुए दोषी के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
सुनवाई के दौरान विपनावती देवी, मुन्नी खातून, पूजा सहित अन्य महिलाओं ने आप बीती बताई और कार्रवाई कराने का आग्रह किया।
आयोग की सदस्य सुमन सिंह ने कहा कि समाज में बढ़ती कुंठा अपराध के लिए काफी हद तक जिम्मेदार है। साथ ही पुलिस अधिकारियों से कहा कि यह भी पता करें कि क्या कोई रैकेट सक्रिय है जो बालिकाओं के अपहरण या नौकरी देने का झांसा देकर भगा ले जा रहा है।
यदि ऐसे तत्व है तो इसका पता लगाकर त्वरित कार्रवाई करें। इस दौरान उपजिलाधिकारी खलीलाबाद सतीश मणि, सीओ आरके सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी उमाशंकर शुक्ल, जिला प्रोवेशन अधिकारी विजय कुमार पांडेय, महिला थानाध्यक्ष पूनम यादव सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।