टड़वरिया चौराहे पर आंधी में उड़ कर टिनशेड बिजली के तार पर अटक गया। बखिरा क्षेत्र में ओले भी गिरे।
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शुक्रवार की शाम अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। धूल का गुबार छा गया। थोड़ी ही देर में आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। मटर के दाने के बराबर ओले गिरने से गेहूं की फसल और आम को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। मेंहदावल क्षेत्र के तुनियहवा में पेड़ की डाल टूट कर गिर गई। उसके नीचे दबकर एक महिला की मौत हो गई। कई जगहों पर टिनशेड और छप्पर उजड़ गए।
मेंहदावल प्रतिनिधि के अनुसार शाम साढ़े चार बजे अचानक आंधी के साथ हल्की बारिश हुई। छोटे- छोटे ओले भी पड़े। तुनियहवां गांव के इनामुल ने बताया कि आंधी आने के बाद दरवाजे पर फैलाए गए कपड़े को लेने के उनकी 45 वर्षीय पत्नी रजिया खातून गई। उसी दौरान पेड़ की डाली टूट कर पत्नी के सिर पर गिर गया और वह घायल हो गई।
घायल पत्नी को सीएचसी मेंहदावल ले जा रहे थे कि रास्ते में उसकी मौत हो गई। इस तेज अंधड़ से टड़वरिया- गनवरिया मार्ग पर टड़वरिया चौराहे के निकट ही एक दुकान पर लगा टिनशेड उड़कर बिजली के तार पर अटक गया। इसके बाद लोगों में दहशत फैल गई। लोगों ने कहा कि उस समय बिजली की आपूर्ति नहीं थी, नहीं तो कोई बड़ी दुर्घटना घटित हो सकती थी।
इसके कारण इस मार्ग पर आवागमन कुछ देर बाधित हो गया। लोगों ने इसकी सूचना तत्कल बिजली विभाग को दी। बारिश होने के कारण किसानों के मन में भी अपने फसल के नुकसान को लेकर चिंता होने लगी। भठवां के चंद्रभान मिश्र, बिसौवां वासी जयशंकर पांडेय, सुभाष पांडेय, छपियाअगंद के अजय तिवारी, थरौली के दीपनरायन विश्वकर्मा आदि ने कहा कि पिछले करीब दो साल पहले गेंहू की फसल तैयार होने के समय आई बारिश के ओले के कारण हमारी फसल को काफी नुकसान हुआ था। इस बार भी बारिश के कारण कहीं नुकसान न हो।