पूजा स्थल के बगल में बुद्ध, आंबेडकर की प्रतिमा लगाने से तनाव
सीओ सदर ने दोनों पक्षों को समझा बुझाकर शांत कराया
अमर उजाला ब्यूरो
लोहरौली/सेमरियांवा। दुधारा थाने के गांव बहोरवा में पूजा स्थल के बगल में महात्मा बुद्ध और आंबेडकर की मूर्तियां स्थापित किए जाने पर गांव के ही दो पक्षों में तनाव पैदा हो गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची मूर्तियों को वहां से उठाकर थाने ले आई। सीओ सदर ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझा बुझाकर शांत कराया।
बहोरवा गांव में सार्वजनिक जमीन पर पूजा स्थल है। सोमवार की सुबह इसी के बगल में कुछ लोगों ने महात्मा बुद्ध डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्तियां स्थापित कर पूजा पाठ शुरू कर दिया। इसकी जानकारी होने पर दूसरे पक्ष ने आपत्ति जताते हुए दुधारा पुलिस को सूचना दी। सुबह के करीब पांच बजे आई विवाद की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। एसओ दुधारा आरके गौतम ने दोनों मूर्तियों को सम्मान के साथ थाने भेज दिया। इस पर मूर्ति स्थापित करने वाले लोग समर्थकों के थाने पहुंच गए और मूर्तियां वापस करने की मांग करने लगे।कुछ देर बाद सीओ सदर रमेश कुमार भी मौके पर पहुंचे और इस मामले में राजस्व विभाग के अफसरों के निर्देशानुसार कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। एसओ आरके गौतम ने बताया कि इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार कार्रवाई होगी। सीओ सदर रमेश कुमार का कहना है कि मूर्ति स्थापना से पहले एसडीएम की अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति के मूर्ति स्थापित की गई थी, जिसे सम्मानपूर्वक थाने में रखवा दिया गया है। दोनों पक्षों को समझाया गया है।
उधर, जिस जमीन पर मूर्ति स्थापना के मसले पर विवाद है, वह राजस्व अभिलेखों में नवीन परती के नाम से दर्ज है। रामखेलावन व राजकपूर निवासी बिगरा मीर तप्पा उजियार परगना मगहर पूरब ने इसकी जानकारी मांगी है। जिस पर लेखपाल ने अपनी रिपोर्ट भी दी है। ग्राम बिगरा अव्वल अराजी नंबर 197 रकबा 0241 हेक्टेयर बंदोबस्त में पूजा स्थल के नाम पर सुरक्षित है। वर्तमान में यह रकबा नवीन परती की भूमि के रूप में दर्ज है। इसी में पूजा स्थल, पंचायत भवन व एक व्यक्ति का पुराना मकान भी है।